तेरी उल्फत में | वह पहली मोहबत की झलक और कामयाबी की पहल!। क़िस्त 03
रूबी की तन्हाई और ख़ामोश दर्द, सिमरन की चंचलता और राज का नया सफ़र। पढ़िए तेरी उल्फ़त में की तीसरी क़िस्त, पहली मोहब्बत की झलक और कामयाबी की पहल।

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
कामयाबी की पहल!
दिल के किसी कोने में अरसालान अब कशिश को महसूस करने लगा था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि असल में बात क्या है। आखिर उसके साथ यह हो क्या रहा है। क्यों वह कशिश की तरफ खिंचा चला जा रहा है। वह इस बारे में किसी से ज़िक्र भी नहीं करना चाहता था। उसकी यह बेनाम और अनसुलझी हुई सोच उसे समझ भी नहीं आती थी। ऐसे ही कुछ दिन और बीतते चले गए।
एक सुबह कॉलेज की कैंटीन में अरसालान न्यूज़पेपर लेकर आया। वहां पर उसके सारे दोस्त बैठे थे। हिना बोली “क्या ज़रूरत रिश्ता में ऐड दिया है या कोई ऐड पसंद आया है?” सब हंसने लगे।
अरसलान बोला “कमबख्तो मैं सबके भले के लिए न्यूज़पेपर लेकर आया हूं। जरा इसमें एक एडवर्टाइजमेंट तो देखो तुम सब।”
सना ने पेपर हाथ में लिया और पढ़ने लगी Required Some Energetic People To Run A New Office For Part Time Basis. Freshers Can Apply. Working Hours 2 PM To 8 PM. Contact On Given Address.”
राज बोला “ऐड्रेस तो ज़्यादा दूर नहीं है। Working Hours भी सही हैं। मुझे तो इंटरव्यू देने में कोई बुराई नहीं लगती। पर ज़रूरी थोड़ी है कि हम सबको ही वहां पर जॉब के लिए हायर कर लेंगे, न जाने कितने लोग वहां पर इंटरव्यू के लिए जाएंगे।”
“लेकिन अगर हम सबसे पहले वहां पहुंच जाएं तो शायद हो भी सकता है, क्योंकि यह न्यूज़ आज ही आई है। अभी ऑफिस शुरू हुए कोई एक घंटा हुआ होगा। हम अगर अभी चलते हैं तो शायद हम सबसे पहले कैंडिडेट्स होंगे” न्यूटन बोला।
“तो फिर देर किस बात कि है चलो धावा बोलते हैं ऑफिस में!” रोहित बोला। और फिर सब एक साथ दिए गए एड्रेस की तरफ चल दिए। थोड़ी देर के बाद सारे दोस्त उस ऐड्रेस पर खड़े थे, जहां इंटरव्यू था। उन सबको ऑफिस के फोर्थ फ्लोर पर जाना था।
न्यूटन बोला “अबे मुझे डर लग रहा है यार। पता नहीं ऊपर क्या होगा। जोश में मैं यहां आ तो गया, पर अब मुझे अंदर से डर सा लग रहा है।”
रोहित बोला “यार सही कहा तुमने, मुझे भी डर लग रहा है।” राज, सना और हिना भी घबरा गए थे। तभी अरसलान बोला, “यार एक गलती हो गई मुझसे, मैंने अपना रिज्यूम तो प्रिंट ही नहीं किया।”
हिना बोली “तो अब क्या करोगे तुम? वापस हॉस्टल जाओगे तो बहुत वक्त लगेगा।”
अरसलान बोला, “मेरी ई-मेल पर तो है। मैं एक काम करता हूं, आस पास से प्रिंट निकलवा कर आता हूं। तुम लोग सब ऊपर जाओ।”
इतना कह कर अरसलान वहां से चला गया। बाकी लोग लिफ्ट की तरफ बढ़ गए। जब अरसलान अपना रिज्यूम प्रिंट कराकर वापस आया तो उसने देखा कि शमशेर खान अपनी कार से उतर रहे हैं।
अरसलान को देखते ही वह बोले “तुम यहां कैसे। आज कॉलेज नहीं गए क्या तुम?”
अरसलान ने जवाब दिया “नहीं शमशेर साहब आज एक ही पीरियड था हमारा कॉलेज में। तो हम सब जल्दी फ्री हो गए। यहां सीडब्ल्यूएस एंटरप्राइजेज में आज पार्ट-टाइम जॉब्स का इंटरव्यू है, तो हम सब दोस्त उसी सिलसिले में यहां पर आ गए।”
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे