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ज़िन्दगी और माशरे की सचाई की मुतासिर कान शायरी का एक मजमुआह!

ज़िन्दगी के तजुर्बों और समाज की सच्चाई पर दिल छू लेने वाली शायरी का मजमुआ। पढ़िए वो अशआर जो हमारी ज़िन्दगी के बारे में बहुत कुछ कह जाते हैं।

ज़िंदगी और मशरे की सचाई

ज़िन्दगी और इसका सफर! यह एक बहुत गहरी और जज़्बाती चीज़ है. ज़िन्दगी के एहसासात का तजुर्बाह करते-करते हम को दुनिया और माशरे की कुछ अच्छे और बुरे पहलु पता चलता है । ज़िन्दगी के इसी पहलु को कुछ खूबसूरत शायरी से पेश करने की कोशिश इस पोस्ट मैं कर रहा हूँ। यह कुछ बहुत ही खूबसूरत और उम्दा लाइन्स हैं, जो हमारे और आपके जीवन के बारे में कुछ कह जाती हैं।


“जिसने भी मेरी किस्मत लिखी है, अधूरी लिखी है, आजकल उसी को पूरा करने में लगा हुआ हूँ II”

अधूरी किस्मत और उसे पूरा करने की कोशिश को दर्शाती है। यह एक बहुत ही दर्द भरी और उम्मीदवान शायरी है, जो कि आपके जीवन के बारे में कुछ बताती है।


“इस दुनिया में खुद की मर्ज़ी से भी जीने के लिए, पता नहीं कितनों को अर्ज़ी देनी पड़ती है II”

यह शेर बताता है कि इस दुनिया में अपने ख्वाबों को पूरा करने के लिए हमें कई बार दूसरों की इउम्मीदों का सामना करना पड़ता है।


“कुछ तो आरज़ू रख, थोड़ा हौसला रख, ज़िंदगी जीने का अपना तरीका रख II”

इस शेर के ज़रिये ज़िन्दगी को एक मौका देने की बात की गयी है,


“खेलने की उम्र में, मैंने काम करना सीख लिया I लगता है ज़िंदगी जीने का हुनर सीख गया II”

ये शेर मेहनत और जज्बे को दर्शाता है। जब इंसान अपनी उम्र से पहले ज़िन्दगी की ज़िम्मेदरी उठाने लगता हैं तब वह वक़्त से पहले बड़ा हो जाता है.


“गिरे हुए पैसों को तो सब उठाते है, पता नहीं ये लोग अपना ईमान कब उठाएंगे II”

यह शायरी आज कल के माशरे के ईमान पर एक सवाल है, क्यूंकि आज का माशरा सायद अपना ईमान कही खो चूका है।


“ज़िंदगी भी किताब सी होती है, सब कुछ कह देती है खामोश रह के भी II”

यह शेर ज़िंदगी के तजुर्बों और गहराइयों को बयान करता है।


“सोचता हूँ मेहनत की कलम से, ज़िंदगी की कहानी फिर से लिखूं II”

यह शेर, जिंदगी को एक नयी शुरवात देने का हौसला देता है. यह इंसान के खुद एत्मादि और उम्मीद का एहसास जगती है।


रास्तों में भटका नहीं हूँ मैं, इतनी जल्दी क्या है, अभी तो घर से निकला हूँ मैं।

यह शेर कहता है की ज़िन्दगी को जीना सीखने मैं वक़्त लगता है, और ज़िन्दगी के तजुर्बे के लिए जल्दबाज़ी सही नहीं होती। ज़िन्दगी को वक़्त देना पड़ता है।

यह सब शेर एक गहरे एहसात लिए हुवे हैं। उम्मीद है की यह शेर आपको पसंद आएंगे. जल्दी ही अगली पोस्ट मैं मिलते है । तब तक ज़िन्दगी के तजुर्बे से सिखये और खुशदिली से आगे बढिये!


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