मोहम्मद शमी! रफ़्तार के जादूगर का दिल को छू लेने वाला सफर!
चोट, इल्ज़ाम और नफ़रत, हर तूफ़ान के बावजूद मोहम्मद शमी मैदान पर लौटे और इतिहास रचा। जानिए उनकी पूरी दास्तान, हैट्रिक से लेकर 7/57 तक।

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
जनवरी 2013, पाकिस्तान के ख़िलाफ़ दिल्ली का मैदान। मोहम्मद शमी ने अपना पहला वनडे खेला, चार मेडन ओवर फेंके और एक विकेट भी लिया, भारत को जीत मिली। उसी साल नवंबर में, वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ कोलकाता में अपना पहला टेस्ट खेलते हुए उन्होंने पुरानी गेंद को इस क़दर रिवर्स स्विंग कराया कि पूरे क्रिकेट जगत की नज़र उन पर पड़ी। अगले ही साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तीन मैचों में पंद्रह विकेट लेकर उन्होंने साबित कर दिया कि ये कोई इत्तेफ़ाक़ नहीं, एक असली हुनर था, वो हुनर जो इस दौर में शायद ही किसी और गेंदबाज़ के पास इतनी क़ुदरती सीम पोज़िशन और तप्पे के साथ मौजूद हो।
आईपीएल का सफ़र: टीमों का बदलना, हुनर का ना बदलना
2013 में कोलकाता नाइट राइडर्स से शमी का आईपीएल सफ़र शुरू हुआ। इसके बाद दिल्ली डेयरडेविल्स, किंग्स इलेवन पंजाब, गुजरात टाइटन्स, सनराइज़र्स हैदराबाद, होते हुए अब वो लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा हैं। टीमें बदलती रहीं, मगर उनकी गेंदबाज़ी में वो धार कभी कम नहीं हुई।
Duke बॉल का किस्सा
शमी एक उम्दा बॉलर तो हैं ही लोअर आर्डर मे ठीक ठाक बैटिंग भी कर लेते हैं । उन्होंने अपने एक इंटरव्यू मैं एक किस्सा सुनाया था, की एक बार उनके बड़े भाई उनको एक लोकल मैच मे ले जा रहे थे, तब उनके वालिद ने कहा की ज़रा धयान रखना की चोट न लग जाये । क्यूंकि तब वह उम्र मैं छोटे ही थे । मैच Duke के बॉल से हो रहा था, और अगर आप ने क्रिकेट खेला होगा तो पता होगा की वह कितनी ज़ोर से चोटें लगती थी । खैर मैच हुवा और शमी ने उस मैच मैं सेंचुरी बना दी । सब लोग, उनके भाई और वालिद भी हैरान थे । वैसे इंडियन टीम मे आने के बाद उन्होंने कई बार ज़रूरी रन बनाये हैं ।
2019 का वो हैट्रिक, जो इतिहास बन गया
22 जून 2019, साउथहैम्प्टन का रोज़ बाउल स्टेडियम। भारत सिर्फ़ 224 रन पर सिमट गया था, और अफ़ग़ानिस्तान का यक़ीन बढ़ता जा रहा था। आख़िरी ओवर में सिर्फ़ सोलह रन चाहिए थे, और गेंद कप्तान विराट कोहली ने शमी के हाथ में थमाई, जो उस वर्ल्ड कप का अपना पहला ही मैच खेल रहे थे।
पहली गेंद पर मोहम्मद नबी ने सीधा चौका जड़ दिया, स्टेडियम में सन्नाटा छा गया। मगर तीसरी गेंद पर नबी ने हार्दिक पंड्या को लॉन्ग-ऑन पर कैच थमा दिया, बावन रन की शानदार पारी वहीं ख़त्म हुई। स्कोर कुछ आगे बढ़ता, उससे पहले ही, शमी ने अगली गेंद पर आफ़ताब आलम के स्टंप उड़ा दिए, और उसके फ़ौरन बाद मुजीब उर रहमान के भी। तीन गेंद, तीन विकेट, मैच ख़त्म। भारत सिर्फ़ ग्यारह रन से जीता, और शमी चेतन शर्मा के बत्तीस साल बाद वर्ल्ड कप में हैट्रिक लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज़ बन गए।
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे