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आज की दास्तान
यह दास्तान है, अर्सलान और कशिश की, उनकी मोहबात और नफरत की। उस नफरत के सायों के मिटने वाली दोसतीं की। जिस तरह आग को पानी शांत करता हैं, उसी तरह कशिश है, एक नफरत और घमंड में चूर लड़की, जिसकी ज़िन्दगी में दाखिल हो जाता है, समंदर सा गहरा और खुशमिजाज़ अर्सलान। कशिश को वह बिलकुल पसंद नहीं है, पर किस्मत उनको एक साथ ले आती है। अर्सलान कैसे संभालेगा इस घमंड में चूर लड़की को! यह है इस कहानी का मज़ा, जिसमे उसके दोस्तों की ज़िन्दगी के भी रंग है, और नफरत और जाल साज़ी के कुछ पहलू।
Rishte Ki Uljhane | Teri Ulfat Main | Kist 09 मोहब्बत, गलतफहमियां, और रिश्तों की उलझनें, तेरी उल्फत में की क़िस्त 09 हमें मोहब्बत,…