
कहानियाँ, शायरी, नज़्म, हस्तियों और दास्तानें, खूबसूरत अंदाज़ में
आज की दास्तान
01
नज़्म गलत और सही के पार.. रूमी का वो फलसफा जो 800 साल बाद भी ज़िंदा है
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02
शायरी और नज़्म कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है! एक नज़म जो रूह के जज़्बात को छु लेती है!
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03
शायरी और नज़्म ज़िन्दगी और माशरे की सचाई की मुतासिर कान शायरी का एक मजमुआह!
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04
शायर और अदीब जलालुद्दीन रूमी: जुदाई से जन्मी मोहब्बत की शायरी
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05
शायर और अदीब कुमार विश्वास : पढ़ाई बीच में छोड़ी, प्रेमिका के प्रेम में बने कवि, जानिए इनकी फिल्मी कहानी
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यह दास्तान है, अर्सलान और कशिश की, उनकी मोहबात और नफरत की। उस नफरत के सायों के मिटने वाली दोसतीं की। जिस तरह आग को पानी शांत करता हैं, उसी तरह कशिश है, एक नफरत और घमंड में चूर लड़की, जिसकी ज़िन्दगी में दाखिल हो जाता है, समंदर सा गहरा और खुशमिजाज़ अर्सलान। कशिश को वह बिलकुल पसंद नहीं है, पर किस्मत उनको एक साथ ले आती है। अर्सलान कैसे संभालेगा इस घमंड में चूर लड़की को! यह है इस कहानी का मज़ा, जिसमे उसके दोस्तों की ज़िन्दगी के भी रंग है, और नफरत और जाल साज़ी के कुछ पहलू।
मोहब्बत और गलतफहमियों की दस्तक अरसलान अपनी सीट पे बैठा था। तभी राज और न्यूटन उसके पास आके बैठ गए। “यार न्यूटन, तुमको पता…



