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आज की दास्तान
यह दास्तान है, अर्सलान और कशिश की, उनकी मोहबात और नफरत की। उस नफरत के सायों के मिटने वाली दोसतीं की। जिस तरह आग को पानी शांत करता हैं, उसी तरह कशिश है, एक नफरत और घमंड में चूर लड़की, जिसकी ज़िन्दगी में दाखिल हो जाता है, समंदर सा गहरा और खुशमिजाज़ अर्सलान। कशिश को वह बिलकुल पसंद नहीं है, पर किस्मत उनको एक साथ ले आती है। अर्सलान कैसे संभालेगा इस घमंड में चूर लड़की को! यह है इस कहानी का मज़ा, जिसमे उसके दोस्तों की ज़िन्दगी के भी रंग है, और नफरत और जाल साज़ी के कुछ पहलू।
मोहब्बत और गलतफहमियों की दस्तक अरसलान अपनी सीट पे बैठा था। तभी राज और न्यूटन उसके पास आके बैठ गए। “यार न्यूटन, तुमको पता…