तेरी उल्फत में | अफवाहें, मोहब्बत और दर्द का अनकहा पहलू | क़िस्त 06
अलविना और न्यूटन की गलतफहमियां उस दिन हिना परेशान सी खड़ी थी रोड के किनारे। कोई टैक्सी नहीं आ रही थी। ऊपर से मोबाइल भी स्विच-ऑफ हो गया था। लाइब्रेरी से निकलते हुए उसे देर हो गई थी। वह परेशान सी खड़ी थी कि एक कार उसके पास रुकी। कार में अलविना थी “हाय, आप […]

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
अलविना और न्यूटन की गलतफहमियां
उस दिन हिना परेशान सी खड़ी थी रोड के किनारे। कोई टैक्सी नहीं आ रही थी। ऊपर से मोबाइल भी स्विच-ऑफ हो गया था। लाइब्रेरी से निकलते हुए उसे देर हो गई थी। वह परेशान सी खड़ी थी कि एक कार उसके पास रुकी। कार में अलविना थी “हाय, आप कुछ परेशान लग रही हो, क्या मैं कुछ मदद करूं?”
हिना बोली “असल में लाइब्रेरी से निकलते हुए देर हो गई, अब टैक्सी नहीं मिल रही। फोन भी डेड है। क्या आप मुझे अपना फोन एक कॉल करने के लिए दे सकती हैं। मैं किसी को बुला लेती हूं।”
अलविना बोली “वाय नॉट, वैसे जाना कहां है आपको?”
“मोती महल लॉन के पास रहती हूं मैं।” हिना ने जवाब दिया।
“ओह देखिये मैं उसी साइड जा रही हूं, आप जब तक किसी को यहां बुलाएंगी, तब तक मैं आपको सिटी में पहुँचा दूंगी। वहां से आपको टैक्सी मिल जाएगी।” अलविना ने सलाह दी। हिना भी सोचते हुए कार में बैठ गई और बोली “थैंक्स, आपका नाम क्या है और क्या आप भी घर जा रही हैं?”
अलविना बोली “हां घर ही जा रही हूं, असल में कॉलेज के हॉस्टल में ही रहती हूं, वीकेंड्स में घर जाती हूं। असल में रोज़ के अप-डाउन में टाइम वेस्ट होता है। पेरेंट्स मेरे यहां रहते नहीं, घर में अकेले बोर होने से अच्छा है हॉस्टल में फ्रेंड्स के साथ रहूं। वैसे माई नेम इज अलविना शाहबाज खान, डिपार्टमेंट ऑफ़ फाईन आर्ट्स।”
हिना कुछ शॉक्ड सी हुई, क्योंकि न्यूटन का नाम अलविना से जुड़ा था। वह बोली “हिना ताहिर। डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज। ”
हिना के चेहरे पर आए अजीब से तसूरत अलविना से छुपे नहीं, और वह बोली “मुझको लगता है कि मेरे नाम को जो कुछ वक्त से कॉलेज में उस बेगैरत लड़के साथ जोड़ा जा रहा है, उससे हैरान हो। पर यकीन करो, कुछ नहीं हुआ। मैंने तो उसे पहले दिन ही सीधा कर दिया था, पर वह पता नहीं क्या – क्या बातें फैला रहा था!”
हिना बोली “मुझे नहीं लगता कि न्यूटन ऐसा कुछ करेगा, तुमको गलतफहमी हुई है। न्यूटन तो काफ़ी सुलझा हुआ लड़का है।”
अलविना बोली “तुमको बड़ा यकीन है न्यूटन पे, जानती हो क्या उसको!”
हिना बोली “हां, मेरा बहुत अच्छा दोस्त है, और मेरे साथ वह जॉब भी करता है। असल में हम सब दोस्त एक साथ वर्क करते हैं। पर उसके साथ काफ़ी बुरा हुआ है। हम सब परेशान हैं। उसका प्रोजेक्ट खराब हो गया है। ऊपर से उसे एक्सटेंशन भी नहीं मिल रही। डिपार्टमेंट हेड ने कोई मज़बूत वजह बताने के लिए कहा है। और वह कुछ बोल भी नहीं रहा। उसके रैंक पे भी असर पड़ेगा। हमेशा वह अच्छे ग्रेड्स लाता है।”
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे