तेरी उल्फत में | इज़हार-ए-मोहब्बत | क़िस्त 05
राज का झिझक भरा इज़हार-ए-मोहब्बत “दिल की बात को लफ्ज़ों में पिरोने का अनोखा अंदाज़।” अगले दिन ऑफिस में भी सबके दिमाग में शादी के फंक्शन का ही प्लान था। तभी सिमरन ने आकर उनको कुछ क्लाइंट्स की फाइल्स दी। वो सब कुछ समझा रही थी कि क्या करना है। उसके जाने के बाद न्यूटन […]

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
राज का झिझक भरा इज़हार-ए-मोहब्बत “दिल की बात को लफ्ज़ों में पिरोने का अनोखा अंदाज़।”
अगले दिन ऑफिस में भी सबके दिमाग में शादी के फंक्शन का ही प्लान था। तभी सिमरन ने आकर उनको कुछ क्लाइंट्स की फाइल्स दी। वो सब कुछ समझा रही थी कि क्या करना है।
उसके जाने के बाद न्यूटन बोला “राज कुछ आगे बढ़ेगा या नहीं। कब हम सिमरन को अपनी भाभी घोषित करेंगे।” राज बोला “उसमे टाइम लगेगा। इंतजार करो।”
सना बोली “तेरे को वह पसंद है कि नहीं, यह बता।” राज ने कहा “हां, बहुत। मुझे तो अब उसके ख्वाब भी आते हैं।”
हिना बोली, “तो और कितना इंतजार करोगे। कह दो ना दिल की बात?”
राज बोला “नहीं यार पता नहीं क्या सोचेगी। अभी हम लोग मिले ही कितना हैं। यह सही नहीं होगा।”
अरसलान बोला “मेरे दोस्त, पहली नज़र का प्यार है तेरा। तेरी आंखों में मोहब्बत देखी है, और महसूस किया है कि सिमरन भी तुमको पसंद करती है। देख भाई, इज़हार कर दे। फैसला ऊपर वाले पे छोड़ दे।”
राज सवालिया लहजे में बोला “और अगर इनकार कर दिया तो?”
अरसलान मुस्कुराते हुए बोला “तो क्या हुआ, मोहब्बत है, कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं कि दोनों की रजामंदी हो। तू इज़हार कर। भाई हर मोहब्बत पूरी नहीं होती, लेकिन मुझे यकीन है कि तेरी मोहब्बत पूरी होगी।”
तो भाई यह भी बता दो कि इजहार ए मोहब्बत कैसे करा जाए? राज ने पूछा।
इसपर हिना बोली “कमबख्त, तो अरसलान को ही पटा भी लेने दे और वही शादी भी कर लेगा। तू कुछ ना कर, दिमाग इस्तेमाल कर और दुनिया का ऑल्डेस्ट मैथड ट्राय कर लव लेटर वाला।”
राज बोला “पर वह कैसे लिखते हैं?” न्यूटन बोला “गूगल से हेल्प ले गधे।” राज बोला “सना, बताओ तुम कुछ।” सना बोली “यार असली गूगल की बात हो रही है। मेरी नहीं।”
राज बोला “ओ मुझे लगा, तुम्हारी बात की जा रही है। खैर मैं करता हूं कोशिश।”
फिर सब अपने काम में लग गए, और राज ने भी हिम्मत करके किसी तरह एक लव लेटर लिख ही दिया। फिर उसे एक एनवेलप में रखकर, चुप-चाप सिमरन की टेबल पर रख आया।
थोड़ी देर बाद, सिमरन गुस्से में लाल हुई राज के पास आई और बोली, “आप जरा मुझसे मीटिंग रूम में आकर मिलिए अभी।” उसकी आंखें लाल थी।
राज घबरा गया और चुप-चाप मीटिंग रूम में चला गया। बाकी सब भी घबरा गए थे।
मीटिंग रूम में पहुंच कर, राज बोला “जी सिमरन क्या हुआ?” सिमरन लेटर दिखाते हुए बोली “यह आपने लिखा है?”
राज डरकर फिर हकलाने लगा “जी जी जी वह ….. मैं …..” “हकलाना बंद करिए और हां या न में जवाब दीजिए” सिमरन ने बहुत धीरे से कहा।
राज ने हिम्मत बटोर के कहा, “जी मैंने ही लिखा है।” सिमरन ने कहा “आपने क्या सोच कर यह हरकत की। क्या समझते हैं आप अपने आपको?”
राज बोला “वो..वो मैं…. मुझे लगा, मतलब….मतलब, सबने कहा कि मैं आपको पसंद करता हूं, तो मैंने लव लेटर लिख दिया……” राज हकलाते हुए बताता है।
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे