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क़ाज़ी तौक़ीर: बीस बरस की ख़ामोशी के बाद फिर गूँजा श्रीनगर के उस रॉकस्टार का नाम

Fame Gurukul के विजेता क़ाज़ी तौक़ीर बीस बरस बाद Bigg Boss 20 में कैसे बने रॉकस्टार? श्रीनगर से घर-घर तक की पूरी दास्तान पढ़िए।

फ़ेम गुरुकुल के विजेता की वापसी की पूरी दास्तान

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

जो चराग़ बीस बरस ख़ामोश रहा,
वो बुझा नहीं था, बस अपनी बारी का इंतज़ार कर रहा था।

6 सितंबर 2026 की रात Bigg Boss (बिग बॉस) 20 का आग़ाज़ हुआ और घर में दाख़िल होने वालों की क़तार में एक ऐसा चेहरा भी था, जिसे एक पूरी पीढ़ी भूल चुकी थी और दूसरी पीढ़ी पहली बार देख रही थी। वक़्त की धूल चेहरे पर ज़रूर थी, मगर स्टेज पर आने की वो बेपरवाह अदा जस की तस थी।

नाम है क़ाज़ी तौक़ीर। श्रीनगर का वो लड़का, जिसने 2005 में Fame Gurukul (फ़ेम गुरुकुल) जीतकर पूरे मुल्क को अपनी तरफ़ मुड़ने पर मजबूर कर दिया था। और फिर वही हुआ जो अक्सर शोहरत के साथ होता है। रोशनी धीमी पड़ी, कैमरे आगे बढ़ गए, और एक नाम धीरे-धीरे यादों की धूल में दब गया।

मगर इस बार कहानी उलटी चली। चंद दिनों में उनका जुमला “I am a Rockstar, baby” लोगों की ज़ुबान पर चढ़ गया। पहले Weekend Ka Vaar (वीकेंड का वार) में सलमान ख़ान ने उन्हें घर का “रॉकस्टार” कहा और पूछा कि इन बीस बरसों में आपने क्या किया। जवाब सीधा था: बेशुमार लाइव शोज़। ETV भारत की रिपोर्ट के मुताबिक़ बिग बॉस शुरू होने के बाद उनके इंस्टाग्राम फ़ॉलोअर्स 1.98 लाख से बढ़कर 7.92 लाख तक जा पहुँचे।

लोग उनकी आवाज़ पर फ़िदा हैं, और इस बात पर भी हैरान कि जब घर में तूफ़ान उठता है तो यह शख़्स ज़्यादातर बार कड़वाहट पालने की जगह गुनगुनाकर माहौल बदलने की कोशिश करता है। यह दास्तान उसी हुनर की है, सुर की भी और सब्र की भी। (यह लेख 12 अक्तूबर 2026 तक की जानकारी पर आधारित है, और शो अभी जारी है।)

तफ़्सीलात

तफ़्सीलमालूमात
पूरा नामक़ाज़ी तौक़ीर
जन्म2 जून 1985
उम्र41 साल (अक्तूबर 2026 तक)
जन्मस्थानश्रीनगर, जम्मू और कश्मीर
पेशागायक, परफ़ॉर्मर
परिवारपिता मुश्ताक़ अहमद क़ाज़ी (वकील), माँ सैयदा रुख़साना (स्कूल टीचर), छोटे भाई क़ाज़ी तौसीफ़ (कारोबारी), चाचा क़ाज़ी रफ़ी (मशहूर कश्मीरी गायक)
पहचानFame Gurukul 2005 के विजेता, रुपरेखा बनर्जी के साथ
पहला बड़ा एल्बमYeh Pal (Sony BMG, जनवरी 2006)
फ़िल्मी झलकPhantom (2015) के गीत Afghan Jalebi में
मौजूदा सफ़रBigg Boss 20 के प्रतिभागी (12 अक्तूबर 2026 तक घर में)

ख़ानयार की गलियों से उठी पहली तान

सुर की पहली पाठशाला किसी संगीत स्कूल में नहीं, घर की चारदीवारी में खुली थी।

श्रीनगर के ख़ानयार इलाक़े में पले-बढ़े क़ाज़ी के चाचा क़ाज़ी रफ़ी कश्मीर के जाने-माने गायक हैं। उन दिनों घाटी में रिकॉर्डिंग स्टूडियो आम नहीं थे, इसलिए रफ़ी घर पर ही गाने रिकॉर्ड किया करते थे, और नन्हा तौक़ीर उनके बराबर में बैठा सब कुछ सोखता रहता था। आस-पास वहीदजीलानी और क़ैसर निज़ामी जैसे मंझे हुए कलाकारों की सोहबत थी। रफ़ी ने ETV भारत से कहा कि उसे बचपन से ही गाने, अदाकारी, हर चीज़ का शौक़ था।

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे