तेरी उल्फत में: हसीन नोक झोंक सिमरन शाम को राज के घर पहुंची। ” हैलो! पापाजी, राज कहाँ है?” उसने लॉन में बैठे मेजर शेखर से पूछा। मेजर शेखर ने जवाब दिया “वह तो टेरेस पे बैठा है। और तुम इतने दिनों बाद आई हो और आते ही राज को पूछ रही हो। अपने पापा […]
कशिश की एंट्री का असर आज ऑफिस का महौल कुछ अलग था, कशिश जो ऑफिस आने वाली थी। सारे स्टाफ में उसी को ले के बातें हो रही थी। सभी यह सोच रहे थे कि उसके आने से कैसे बदलाव आते हैं। सभी को उसके घमंद और एटीट्यूड का पता था। कशिश कोई दोपहर तीन […]
राज का झिझक भरा इज़हार-ए-मोहब्बत “दिल की बात को लफ्ज़ों में पिरोने का अनोखा अंदाज़।” अगले दिन ऑफिस में भी सबके दिमाग में शादी के फंक्शन का ही प्लान था। तभी सिमरन ने आकर उनको कुछ क्लाइंट्स की फाइल्स दी। वो सब कुछ समझा रही थी कि क्या करना है। उसके जाने के बाद न्यूटन […]
मिशन शीना – मुलाकात और सवाल थोड़ी देर बाद चारों एक बिल्डिंग के सामने खड़े थे। न्यूटन बोला “रोहित यही एड्रेस है ना। शीना बजाज यहीं रहती है ना।” रोहित बोला “हां भाई, इसके 10th फ्लोर पर फ्लैट नंबर 67 में रहती हैं।”राज बोला “तो चलो, पर ध्यान रहे, हमको कोई भी बदतमीज़ी नहीं करनी […]
रूबी की तन्हाई और ख़ामोश दर्द, सिमरन की चंचलता और राज का नया सफ़र। पढ़िए तेरी उल्फ़त में की तीसरी क़िस्त, पहली मोहब्बत की झलक और कामयाबी की पहल।
ग़ैर मुतवका मोड़! कुछ दिन ऐसे ही मज़े में बीते। सब अच्छा चल रहा था। अरसलान और उसके दोस्त की स्टडीज, उसके बाद अरसलान और न्यूटन की जॉब सब कुछ अच्छा बीत रहा था। कुल मिला कर चंडाल चौकड़ी की जम रही थी। लेकिन ये सब ऐसे नहीं रहने वाला था। उस दिन सना और […]
अर्सलान और कशिश की पहली मुलाकात से शुरू होती एक कहानी, जहाँ घमंड, नफरत, दोस्ती और बदलते रिश्तों के बीच एक अनोखा सफर शुरू होता है।