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तेरी उल्फ़त में

तेरी उल्फत में | मेरा नाम कशिश है!..इन्तिक़ाम की एक शाम! | क़िस्त 02

ग़ैर मुतवका मोड़! कुछ दिन ऐसे ही मज़े में बीते। सब अच्छा चल रहा था। अरसलान और उसके दोस्त की स्टडीज, उसके बाद अरसलान और न्यूटन की जॉब सब कुछ अच्छा बीत रहा था। कुल मिला कर चंडाल चौकड़ी की जम रही थी। लेकिन ये सब ऐसे नहीं रहने वाला था। उस दिन सना और […]

तेरी उल्फत में क़िस्त 02 में कशिश और अरसलान का कॉलेज में तनावपूर्ण आमना-सामना

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा


ग़ैर मुतवका मोड़!

कुछ दिन ऐसे ही मज़े में बीते। सब अच्छा चल रहा था। अरसलान और उसके दोस्त की स्टडीज, उसके बाद अरसलान और न्यूटन की जॉब सब कुछ अच्छा बीत रहा था। कुल मिला कर चंडाल चौकड़ी की जम रही थी। लेकिन ये सब ऐसे नहीं रहने वाला था। उस दिन सना और हिना, दोनो कैंटीन में पहुंची तो परेशान थीं। सब ने पूछा कि क्या हुआ? तो सना रोने लगी। यह देख अरसलान, राज, रोहित और न्यूटन उसे चुप कराने लगे और हिना से पूछने लगे कि क्या हुआ?

हिना बोली “मैं और सना आज मार्केट से आ रहे थे। रास्ते में जब हम यूनिवर्सिटी कैंपस के लिए मुड़े तो वह जो खाली रोड है उसपर ज़ैन के फालतू दोस्त खड़े थे। उन लोगों ने हम लोगों पर फब्तियां कसी और हम दोनो को स्कूटी से गिरा भी दिया। फिर उसमे से एक ने तो मेरे बाल भी खींचे। उस जगह को अड्डा बना लिया है ज़ैन और उसके लफंगे दोस्तो ने।”

ये कह के हिना भी रुसवा सी हो गई। अरसलान और उसके दोस्तों का खून खौल गया। अरसलान वहां से उठकर चला गया, पीछे-पीछे राज और बाकी सब भी थे। अरसलान ने कहा, “चलो आज ज़ैन की हीरो गिरी खत्म कर ही देते हैं।” इतना कह कर अरसलान तेज कदमो से यूनिवर्सिटी कैंपस से चला गया। पीछे पीछे बाकी भी हो लिए। थोड़ी दूर पर पेड़ के नीचे कुछ लड़के खड़े थे।

मिट्टी के शेर और असली शेर!

अरसलान और बाकी उनके पास पहुंचे, और बोले “क्या आप लोगों के अंदर शराफत बिल्कुल खत्म हो गई है जो आप लोग आने जाने वाली लड़कियों से इतनी बदसलूकी करते हैं?”

उनमे से एक बोला “हमारा दिल, हम कुछ भी करें। तेरे को लेक्चर देने को नहीं बोला। तू जानता नहीं क्या ज़ैन को। हम उसके दोस्त हैं। किसी में इतना दम नहीं जो हमसे ऊंची आवाज में बात करे, चल जा किस लिए अपनी शामत बुला रहा है। “

अरसलान बोला “पता है ज़ैन नाम का कार्टून कौन है, ज़रा ज़ैन से भी पूछो कि उसका हाथ कैसा है जो मैंने मोड़ा था। तुम सब उस कार्टून का दम भर रहे हो, जिसमे इतना दम नहीं कि अकेले किसी से आंख मिलाकर बात कर सके।”

इस पर एक दसरा लड़का बोला “ओह तो तू है वह नया हीरो! चल पता तो चले कितना दम है तेरे में। ज़ैन ने बताया था कि तेरी क्लास लेनी है, चल आज देखते हैं।” इतना कहकर उस लड़के ने चाकू निकाला और अरसलान पर हमला किया।

अरसलान ने उसके हाथ को बीच में ही रोका, और उसके गले को एक हाथ से पकड़ लिया। दोनो हाथो का ज़ोर लगाने लगा, एक कलाई पर और दूसरा गर्दन पर। अरसलान की गिरफ्त ज़बरदस्त थी। वह लड़का उसे छुड़ाने लगा। बाकी साथी आगे बढ़े तो राज, रोहित और न्यूटन भी पीछे ना रहे।

एक जोरदार लड़ाई शुरू हो गई। चाकू, ब्लेड, हॉकी सब इस्तेमाल हुए, लेकिन काम ना आए। मिट्टी के शेर असली शेरों के आगे बिखर गए, कुछ देर बाद वो लड़के जमीन सूंघ रहे थे। उनकी हॉकी स्टिक उन पर ही तोड़ डाली गई।

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे