विरासत: आज़ादी और इंक़लाब में गुम एक मोहब्बत की दास्तान

एक दादी की डायरी, एक भूला हुआ इंक़लाबी इश्क़, और आज़ादी की वो क़ीमत जो सिर्फ़ मुल्क ने नहीं चुकाई। पूरी दास्तान पढ़िए

सफ़र-ए-इश्क़: एक अधूरे ख़त की दास्तान

एक पुरानी बोगी के आख़िरी सफ़र में, दो अजनबियों को मिलता है तीस साल पुराना एक अधूरा ख़त, और उसी के साथ शुरू होती है एक नई मोहब्बत की कहानी। पढ़िए।

आख़िरी कॉल: एक अधूरी मोहब्बत का इंसाफ़

मौत के बाद भी अगर मोहब्बत कोई रास्ता ढूँढ ले, तो कैसा हो? रेहान और ज़ोया की एक ऐसी दास्तान, जिसमें एक आख़िरी कॉल ने पूरे राज़ को बेनक़ाब कर दिया। पढ़िए।

तेरी उल्फत में | मोहब्बत, गलतफहमियां, और रिश्तों की उलझनें | क़िस्त 09

मोहब्बत और गलतफहमियों की दस्तक अरसलान अपनी सीट पे बैठा था। तभी राज और न्यूटन उसके पास आके बैठ गए। “यार न्यूटन, तुमको पता है कि आज कोई शमशेर सर के यहां डिनर पे इनवाइटेड है।” राज ने अरसलान को सुनाते हुए न्यूटन को कहा। “अच्छा भाई, अब तो लगता है कि शमशेर सर के […]

तेरी उल्फत में | राज और सिमरन की हसीन नोक झोंक | क़िस्त 08

तेरी उल्फत में: हसीन नोक झोंक सिमरन शाम को राज के घर पहुंची। ” हैलो! पापाजी, राज कहाँ है?” उसने लॉन में बैठे मेजर शेखर से पूछा। मेजर शेखर ने जवाब दिया “वह तो टेरेस पे बैठा है। और तुम इतने दिनों बाद आई हो और आते ही राज को पूछ रही हो। अपने पापा […]

तेरी उल्फत में | कशिश और अरसलान के टकराव की पहली झलक | क़िस्त 07

कशिश की एंट्री का असर आज ऑफिस का महौल कुछ अलग था, कशिश जो ऑफिस आने वाली थी। सारे स्टाफ में उसी को ले के बातें हो रही थी। सभी यह सोच रहे थे कि उसके आने से कैसे बदलाव आते हैं। सभी को उसके घमंद और एटीट्यूड का पता था। कशिश कोई दोपहर तीन […]

तेरी उल्फत में | इज़हार-ए-मोहब्बत | क़िस्त 05

राज का झिझक भरा इज़हार-ए-मोहब्बत “दिल की बात को लफ्ज़ों में पिरोने का अनोखा अंदाज़।” अगले दिन ऑफिस में भी सबके दिमाग में शादी के फंक्शन का ही प्लान था। तभी सिमरन ने आकर उनको कुछ क्लाइंट्स की फाइल्स दी। वो सब कुछ समझा रही थी कि क्या करना है। उसके जाने के बाद न्यूटन […]

तेरी उल्फत में | मिशन शीना – सच्चाई का सामना | क़िस्त 04

मिशन शीना – मुलाकात और सवाल थोड़ी देर बाद चारों एक बिल्डिंग के सामने खड़े थे। न्यूटन बोला “रोहित यही एड्रेस है ना। शीना बजाज यहीं रहती है ना।” रोहित बोला “हां भाई, इसके 10th फ्लोर पर फ्लैट नंबर 67 में रहती हैं।”राज बोला “तो चलो, पर ध्यान रहे, हमको कोई भी बदतमीज़ी नहीं करनी […]

तेरी उल्फत में | वह पहली मोहबत की झलक और कामयाबी की पहल!। क़िस्त 03

रूबी की तन्हाई और ख़ामोश दर्द, सिमरन की चंचलता और राज का नया सफ़र। पढ़िए तेरी उल्फ़त में की तीसरी क़िस्त, पहली मोहब्बत की झलक और कामयाबी की पहल।

तेरी उल्फत में | मेरा नाम कशिश है!..इन्तिक़ाम की एक शाम! | क़िस्त 02

ग़ैर मुतवका मोड़! कुछ दिन ऐसे ही मज़े में बीते। सब अच्छा चल रहा था। अरसलान और उसके दोस्त की स्टडीज, उसके बाद अरसलान और न्यूटन की जॉब सब कुछ अच्छा बीत रहा था। कुल मिला कर चंडाल चौकड़ी की जम रही थी। लेकिन ये सब ऐसे नहीं रहने वाला था। उस दिन सना और […]