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नाना पाटेकर: पोस्टर रंगने वाले लड़के से क्रांतिवीर तक, एक आग की दास्तान

75 की उम्र में अलविदा कह गए नाना पाटेकर। पोस्टर रंगने वाले हाथों से परिंदा, क्रांतिवीर और पद्मश्री तक की पूरी दास्तान जानिए।

नाना पाटेकर: असली आग से राष्ट्रीय पुरस्कार तक

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

पर पुरस्कारों से ज़्यादा उन्हें सुकून मिट्टी में मिलता था। फ़िल्मों से दूर के दिनों में वो पुणे के पास अपने फ़ार्महाउस पर खेती करते, ख़ुद खेत जोतते और भैंसों की देखभाल करते। उन्हें खाना बनाना इतना पसंद था कि मज़ाक़ में कह दिया करते थे कि शायद वो अभिनेता से बेहतर कुक हैं। 2015 में उन्होंने मराठी अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर ‘नाम फ़ाउंडेशन’ की शुरुआत की, जो महाराष्ट्र में सूखे की मार झेल रहे किसानों की मदद के लिए खड़ा हुआ।

आख़िरी बार वो इसी साल रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘सूबेदार’ में नज़र आए।

वो आख़िरी सुबह

जानिए, 8 अक्टूबर 2026 की सुबह क्या हुआ।

गुरुवार की सुबह। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, गंभीर सीने के दर्द की शिकायत के बाद मेडिकल टीम नाना के गोवा वाले फ़्लैट पर पहुँची, जहाँ वो बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें कार्डियक मसाज दी गई और अस्पताल ले जाया गया। क़रीब 45 मिनट तक सीपीआर देने की कोशिश हुई, पर उन्हें बचाया नहीं जा सका। शुरुआती जानकारी के मुताबिक़ वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है।

सनी देओल से लेकर रजनीकांत तक, फ़िल्म इंडस्ट्री के कई सितारों ने उनके जाने पर दुख जताया। यह वो शोक था जो किसी एक फ़िल्म, किसी एक किरदार का नहीं, एक पूरे दौर का था।

विरासत

एक आख़िरी बात, मेरे दोस्त।

“आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने।”

हमने इसी जुमले से बात शुरू की थी, और इसी पर ख़त्म करेंगे। क्योंकि नाना की पूरी ज़िंदगी इसी एक लाइन का जवाब थी। दुनिया हमेशा तमाशा देखने आती है। किसी की भूख का, किसी की हार का, किसी के गिरने का। फ़र्क़ बस इतना है कि कुछ लोग तमाशा बनकर टूट जाते हैं, और कुछ अपनी आग से उसी भीड़ को ख़ामोश कर देते हैं।

तो तुम सुनो। एक दिन लोग आएँगे तुम्हारी हार का तमाशा देखने। आने दो। तुम बस अपनी भूख को आग बना लेना, उस आग को जलते रहने देना, और जब वो आएँ, तो उन्हें तमाशा नहीं, तुम्हारी रोशनी दिखे। जिस दिन तुम यह कर लोगे, उस दिन तुम्हारी ख़ामोशी भी गरज बन जाएगी।

और नाना? वो अब ख़ामोश हैं। पर कुछ गरजें ख़ामोश होकर भी सुनी जाती हैं।

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सवाल-जवाब | FAQs

1. नाना पाटेकर का निधन कब हुआ?
नाना पाटेकर का निधन गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को सुबह क़रीब 5:20 बजे गोवा के मणिपाल अस्पताल में हुआ। वो 75 साल के थे।

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