फ़ोन कॉल – एक कॉल से परवान चढ़ती मोहब्बत की दास्तान
एक फोन कॉल से शुरू हुई आबान और सनम की कहानी, जो दोस्ती, मोहब्बत, गलतफहमी और एक दर्दनाक सच के बीच बदलती चली जाती है।

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
बहुत कोशिश की तुमको इग्नोर करने की. रिश्ते मैं डिस्टेंस बनाने की पर हो नहीं सका. में भी क्या करता भूल गया की यह सब मेरे नसीब मे लिखा ही नहीं।
असल मैं मुझे ब्लड कॅन्सर था. जो की काफ़ी देर बाद पता चला. डॉक्टर्स के अकॉर्डिंग तो मुझे काफ़ी पहले ही मर जाना था पर मैं बड़ी सख़्त जान हूँ. मैं अपनी ज़िंदगी की इंतेहा जान गया था, तो मैं कैसे हिना को इस ज़िंदगी मे हमसफ़र बना कर उसको सारी ज़िंदगी रुलाता. मैने उसको चोट दी, लेकिन वो चोट इस चोट से कम है.
फिर आप मेरी ज़िंदगी मे आई और पता नहीं कैसे मैं अपने आप को भूल गया. भूल गया मेरी सांसें कभी भी मुझे छोड़ सकती हैं. लेकिन इन सबके लिए तुम अपने आप को सज़ा मत देना. तुम ग़लत नहीं हो. हम तीनो ग़लत नहीं हैं. ग़लत है तो नसीब. और हाँ मैं भी तुमसे मोहब्बत करने लगा हूँ. सब जान कर भी अपने को रोक नहीं पाया. मैने ज़िंदगी मैं दो दिल दुखा दिए. एक हिना का और एक तुम्हारा. हो सके तो मुझे माफ़ कर देना और मेरे बाद हिना को बता देना की मैं मजबूर था.
यह कह कर आबान चुप हो गया. सनम फिर रोने लगी. वो कभी सोच नहीं सकती थी की ज़िंदगी ऐसा मोड़ भी ला सकती है. उसको अभी भी लग रहा था की सब एक झूठ है. अभी सब सही हो जाएगा. वो रोए जा रही थी. आबान की अम्मी भी वापस आ गयी थी वो भी उसके पास बैठ गयी और रोने लगी. आबान ने अपना सर उनकी गोद मैं रख दिया।
आबान – जाने वालों को रो कर विदा नहीं करते. अम्मी मुझे अपने गले लगा लीजिये। सनम तुम मुझसे प्यार करती हो तो एक बार मेरे सीने से लग कर देख लो। दिल की धड़कन में अपना नाम सुनोगी।
अम्मी और सनम रोते हुवे आबान से लिपट गये। जाने कितनी देर तीनो सिसकते रहे. फिर कुछ देर बाद डॉक्टर्स आए और आबान को चेक किया। फिर बस इतना बोले की ही लेफ्ट अस, वी आर सॉरी .
आबान ने अपने चाहने वालों के बीच अपनी आख़िरी साँसें ले थी. एक तरफ उसकी अम्मी और दूसरी तरफ उसकी अनोकी मोहब्बत सनम जिसको वो अपना नहीं सका.
हम सब की ज़िन्दगी मैं अनेक मोड़ आते हैं लोग आते हैं. हम अपने हिसाब से सामने वाले के बारे मे राय बना लेते हैं। पर हर इंसान की ज़िन्दगी नसीब और किस्मत एक नहीं होती। किसी को कुछ मिलता है तो किसी को नहीं मिलता।
किसी की मोहब्बत परवान चढ़ती है तो किसी की मोहब्बत एक अनोखे प्यार की दास्तान बन के रह जाती है।
"मोहब्बत में जादू होता है,
हर दर्द लम्हों में खोता है।
दिल से दिल का मिलना है जरूरी,
यहीं तो प्यार का असली वजूद होता है।"