फ़ोन कॉल – एक कॉल से परवान चढ़ती मोहब्बत की दास्तान
एक फोन कॉल से शुरू हुई आबान और सनम की कहानी, जो दोस्ती, मोहब्बत, गलतफहमी और एक दर्दनाक सच के बीच बदलती चली जाती है।

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
आबान – वो क्या है ना चुड़ैल आंटी की मैं स्कूल मैं अच्छा बच्चा था. सो मुझे आइडिया कम है इन सबका.
सनम – ठीक है ठीक है. करते रहो, बड़े आए अच्छे बच्चे. चलो 20 बार करो. मेरा मूड आज कम खराब है, वरना 100 तो पक्का करवाती तुमसे.
आबान – जी मेरी किस्मत अच्छी थी जो मैं आपके गुस्से का ज़यादा शिकार नहीं हुआ!
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फ़ोन कॉल – मोहब्बत की दास्तान | दो दिलों का नज़दीक आना, एक फ़ोन कॉल के जानिब से!
कहते हैं प्यार सारी सीमाओं से परे होता है। इस मनोरम किस्त में, हम एक ऐसा प्यार देखते हैं जो समय और स्थान की सीमाओं को तोड़ देता है।
रात का खाना खाने के बाद, आबान अपने काम मैं मसरूफ हो गया. अबान रात मैं ही काम करता था. उसको रात का सन्नाटा अच्छा लगता था. काम करते करते एक दम से उसको सनम की याद आयी. कोई रात का ३ बज रहा था.
उसने फेसबुक चेक किया तो देखा सनम अभी ऑनलाइन थी. उसने उसको पिंग किया। २ मिनट बाद उसका रिप्लाई भी आया.
सनम – अरे आप अभी तक जाग रहे हैं ? नींद नहीं आ रही या आपको भी हमारी तरह रात मैं जागने का शौक़ है?
आबान – असल में मैं रात को काम करना पसंद करता हूँ. रात मैं सुकून रहता है और की डिस्टर्ब भी नहीं करता।
सनम – अच्छा तो आप काम कर रहे हैं. क्या काम करते हैं आप ?
आबान – जी फॅमिली का बिज़नेस है. इंडस्ट्रियल डिजाइनिंग का. और आप क्या करती हैं. कुछ बताइये अपने बारे में।
सनम – अब दोस्ती की है तो बताना भी है. चलो हम अब तुमको अपनी कहानी सुनते हैं. हमारा नाम सनम है और हम पुरे 24 इयर्स के हैं. घर मैं पापा मम्मी और हम. खानदान मैं बिलकुल इकलौती लड़की, तो सबकी प्यारी और लाड़ली हूँ मैं ! सब हमको प्यार करते हैं और हमारे लाड उठाते हैं. अभी हमने अपना फैशन डिजाइनिंग का कोर्स ख़तम किया है और हम अब अपना वर्क स्टार्ट करने वाले हैं. प्लानिंग चल रही है.
अब आप बताइये अपने बारे में कुछ.
आबान – मेरा नाम आबान है और मैं पुरे ३० साल का हो गया हूँ. पापा और अम्मी के साथ रहता हूँ. मैं भी इकलौता हूँ, कोई और नहीं है. मैं पापा के साथ काम में हेल्प करता हूँ. फॅमिली का बिज़नेस है. इंडस्ट्रियल डिजाइनिंग का.
सनम – यह सब छोड़ो यह बताओ की गिर्ल्फ्रेंड्स कितनी हैं जनाब की.
आबान – एक भी नहीं.
सनम – झूठ बोलते हो तुम. ऐसा नहीं हो सकता। आज कल लड़के बिना गर्लफ्रेंड के नहीं रहते। हमको सब पता है दुनिया देखी है हमने।
आबान – अब आपको नहीं यकीन तो मैं कुछ नहीं कर सकता। जो सच था बता दिया। बस हर इंसान की ज़िंदगी सेम नहीं होती.
सनम – अरे आप फिर सीरीयस हो गये. मुझे आपकी बात पर यकीन है. इतना जल्दी बुबुरा न माना करिये जनाब ए आली. जल्दी सीरीयस हो जाते हो. गुस्सा नाक पे रखते हो तुम.
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे