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एक किस्त, एक दास्तान

फ़ोन कॉल – एक कॉल से परवान चढ़ती मोहब्बत की दास्तान

एक फोन कॉल से शुरू हुई आबान और सनम की कहानी, जो दोस्ती, मोहब्बत, गलतफहमी और एक दर्दनाक सच के बीच बदलती चली जाती है।

फोन पर बात करती सनम और दूर बैठे आबान की अधूरी मोहब्बत

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

सनम ने अपनी ख़ामोशी तोड़ी। वह बोली आप फ्री कब होंगे। मुझे आपसे कुछ ज़रूरी बात करनी है. जिसका मेरे और आपके रिश्ते का वजूद टिका हुवा है. 

आबान बोला अरे इतना क्यों गुस्सा हो रही हो, कभी कभी होता है. मेरे दूसरे दोस्त भी कहते है की मैं गधे के सर पे सींग की तरह क्यों गायब हो जाता हूँ. और तुम प्लीज सीरियस मत हुवा करो. मुझे तुम्हारी पागल पाने वाली बातें ही पसंद हैं और तुम्हारी वजह से ही मैं इतनी सीरियस लाइफ मैं हंस लेता हूँ. 

सनम का मूड आज सीरियस ही था. वह बोली तो क्या आपके लिए मैं और बाकी सब दोस्तों मैं कोई फरक नहीं है. मैं सिर्फ इस लिए हूँ की आप बोर न हों ? मुझे लगा की हम दोनों का रिश्ता कुछ अलग है और वह कुछ मायने रखता है आपके लिए. पर आप तो उसको बाकी दोस्तों की तरह निबाह रहे हैं.

आबान के कुछ समझ नहीं आ रहा था की आज सनम क्यों इतना बदली बदली हुई है. इतना सीरियस क्यों है. कुछ सोचते हुवे वह बोला, मुझे माफ़ कर दो, मैं रिश्ते निभाने में इतना अच्छा नहीं हूँ. वजह है और बहुत बड़ी. ऐसा नहीं है की मैं सब रिश्तों को एक नज़र से देखता हूँ. पर जिस रस्ते पे तुम चल रही हो उस रस्ते पे चलने से मुझे बहुत दर लगता है. क्यों लगता है वह मैं तुमको बता देता हूँ. आज शाम को मिलते हैं सिटी मॉल में. 

सनम बोली ठीक है, मुझे भी आपसे कुछ ज़रूरी बात करनी है. इस रिश्ते का वजूद अब इन्ही बातों पे टिका हुवा है. 

यह कह के सनम ने फ़ोन रख दिया।

फ़ोन कॉल – मोहब्बत की दास्तान | अजब सी ख़ामोशी

शाम ढलने वाली थी. आबान और सनम कॉफी हाउस मैं बैठे थे. आज अजब सी ख़ामोशी फैली थी फ़िज़ा मे. सनम ने बात शुरू की. 

सनम – आबान पहले तो मैं तुमसे माफी मांगना चाहती हूँ.

आबान – क्यों क्या हुवा। और आज तुम इतनी सीरियस क्यों हो?

सनम – मुझे पहले बोल लेने दो. एक बोझ है सायद एक गुनाह का. जो मुझसे अनजाने मैं हुआ है. मैने शुरू मैं तुमसे दोस्ती सिर्फ़ बदले के लिए की थी. मेरी एक कजिन हैं हिना । जानते तो होंगे ही. बचपन से तुम दोनों साथ रहे हो. काफी अच्छी दोस्ती थी तुम दोनों की. कॉलेज तक रही. जब उसने तुमसे अपने प्यार का इज़हार किया तो तुमने उसका दिल तोड़ दिया.

आबान – तुम हिना की बहन हो और यह सब तुमने मुझे परेशान करने के लिए करा. तुमको क्या पूरी बात पता भी है. न करने की वजह जानती भी हो ? हीना को मैंने हमेशा एक दोस्त ही समझा था. कभी उस नज़र से नहीं देखा। और देखता भी कैसे, इस तरह के रिश्ते सबके नसीब मैं नहीं होते। 

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे