सफ़र-ए-इश्क़: एक अधूरे ख़त की दास्तान

एक पुरानी बोगी के आख़िरी सफ़र में, दो अजनबियों को मिलता है तीस साल पुराना एक अधूरा ख़त, और उसी के साथ शुरू होती है एक नई मोहब्बत की कहानी। पढ़िए।

आख़िरी कॉल: एक अधूरी मोहब्बत का इंसाफ़

मौत के बाद भी अगर मोहब्बत कोई रास्ता ढूँढ ले, तो कैसा हो? रेहान और ज़ोया की एक ऐसी दास्तान, जिसमें एक आख़िरी कॉल ने पूरे राज़ को बेनक़ाब कर दिया। पढ़िए।

रॉबर्ट डाउनी जूनियर! नशा, जेल, मोहब्बत और आयरन मैन, हार कर जीतने वाले फ़नकार की दास्तान!

जेल की सलाख़ों से Iron Man और ऑस्कर तक, रॉबर्ट डाउनी जूनियर की गिरावट, मोहब्बत और वापसी की सच्ची दास्तान। पढ़िए उनकी पूरी जीवनी हिंदी में।

मिर्ज़ा ग़ालिब: उर्दू अदब के आफ़ताब की मुकम्मल कहानी

मिर्ज़ा ग़ालिब की ज़िंदगी, इश्क़, ग़म और शायरी की मुकम्मल कहानी। जानिए आगरा से दिल्ली तक उर्दू अदब के इस आफ़ताब का सफ़र और उनके अमर शेर।

तेरी उल्फत में | मोहब्बत, गलतफहमियां, और रिश्तों की उलझनें | क़िस्त 09

मोहब्बत और गलतफहमियों की दस्तक अरसलान अपनी सीट पे बैठा था। तभी राज और न्यूटन उसके पास आके बैठ गए। “यार न्यूटन, तुमको पता है कि आज कोई शमशेर सर के यहां डिनर पे इनवाइटेड है।” राज ने अरसलान को सुनाते हुए न्यूटन को कहा। “अच्छा भाई, अब तो लगता है कि शमशेर सर के […]

एक सुरमई शाम का सफ़र

“एक झील के किनारे की दिलचस्प दास्तान, जहाँ दो अजनबियों की मुलाक़ात मोहब्बत का रंग ले लेती है। इस नज़म के हर मोड़ पर आपको शायरी और एहसास की मिठास मिलेगी।” यह नज़मऔर शायरी इसे और भी प्रभावशाली बनाती है। इसे सोशल मीडिया पर भी साझा करें और पढ़ने वालों के दिलों तक इसे पहुँचाएँ।

तेरी उल्फत में | राज और सिमरन की हसीन नोक झोंक | क़िस्त 08

तेरी उल्फत में: हसीन नोक झोंक सिमरन शाम को राज के घर पहुंची। ” हैलो! पापाजी, राज कहाँ है?” उसने लॉन में बैठे मेजर शेखर से पूछा। मेजर शेखर ने जवाब दिया “वह तो टेरेस पे बैठा है। और तुम इतने दिनों बाद आई हो और आते ही राज को पूछ रही हो। अपने पापा […]

तेरी उल्फत में | कशिश और अरसलान के टकराव की पहली झलक | क़िस्त 07

कशिश की एंट्री का असर आज ऑफिस का महौल कुछ अलग था, कशिश जो ऑफिस आने वाली थी। सारे स्टाफ में उसी को ले के बातें हो रही थी। सभी यह सोच रहे थे कि उसके आने से कैसे बदलाव आते हैं। सभी को उसके घमंद और एटीट्यूड का पता था। कशिश कोई दोपहर तीन […]

तेरी उल्फत में | अफवाहें, मोहब्बत और दर्द का अनकहा पहलू | क़िस्त 06

अलविना और न्यूटन की गलतफहमियां उस दिन हिना परेशान सी खड़ी थी रोड के किनारे। कोई टैक्सी नहीं आ रही थी। ऊपर से मोबाइल भी स्विच-ऑफ हो गया था। लाइब्रेरी से निकलते हुए उसे देर हो गई थी। वह परेशान सी खड़ी थी कि एक कार उसके पास रुकी। कार में अलविना थी “हाय, आप […]

तेरी उल्फत में | इज़हार-ए-मोहब्बत | क़िस्त 05

राज का झिझक भरा इज़हार-ए-मोहब्बत “दिल की बात को लफ्ज़ों में पिरोने का अनोखा अंदाज़।” अगले दिन ऑफिस में भी सबके दिमाग में शादी के फंक्शन का ही प्लान था। तभी सिमरन ने आकर उनको कुछ क्लाइंट्स की फाइल्स दी। वो सब कुछ समझा रही थी कि क्या करना है। उसके जाने के बाद न्यूटन […]