शाहरुख़ ख़ान! राज से राहुल का बॉलीवुड के किंग ऑफ़ रोमांस से किंग ख़ान बनने का सफर!
राज से राहुल तक, बॉलीवुड के किंग ऑफ़ रोमांस शाहरुख़ ख़ान का किंग ख़ान बनने तक का सफ़र। जानिए कैसे मेहनत से उन्होंने वक़्त को अपना बना लिया।

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
जानिए शाहरुख़ खान की उन पहली चंद फिल्मों के बारे में, और दरयाफ्त करें की कैसे ‘ Deewana, Baazigar और Darr ने उनके स्टारडम में ज़बरदस्त इज़ाफाहा किया। यह फिल्मे शाहरुख़ खान के बॉलीवुड के सफर का आग़ाज़ करती हैं और इसमें निभाए हर एक किरदार ने इन्हें सुपर-स्टारडम की बुलंदियों तक ले जाने में एहम किरदार अदा किया।
दीवाना: एक दास्तानी किरदार की छोटी सी शरुवात !
शाहरुख़ खान की एंटरटेनमेंट की दुनिया में आगाज़ साबित क़दमी और क़ाबलियत की निशानी थी। उन्होंने अपने करियर का आग़ाज़ Fouji और Circus जैसे TV शोज से किया, जहाँ उन्हों ने अपनी अदाकारी की सलाहियतों का मुज़ाहिरा किया। पर उनके किंग खान बनने का असली सफर शुरू हुवा 1992 की फिल्म “Deewana” से जिसने उनके स्टारडम की बुनियाद रक्खी।
इस फिल्म में वह एक साइड हीरो थे जिसकी फिल्म में एंट्री भी इंटरवल के बाद हुई. शाहरुख़ खान की एंट्री एक गानें कोई न कोई चाहिए से हुवा, जो उस वक़्त नौजवान नेसल का Love Anthem बन गया। वैसे तो इस फिल्म के मेंन लीड ऋषि कपूर थे, पर लोगों ने जितनी मोहब्बत शाहरुख को दी, उतनी शायद ऋषि कपूर के हिस्से न आयी. Deewana ने एक ऐसे सितारे के आग़ाज़ को निशाँज़द किया जो आज खुद सितारों से भी ज़ियादा चमक रहा है।
शाह रुख़ खान के करियर के नुमाया लम्हात
फिर आया साल १९९३, जिसमे शाहरुख़ खान ने हिंदी फिल्मों के हीरो को एक नयी इमेज दी Anti-Hero की इमेज! साल के शुरुवात में शाहरुख़ की एक फिल्म आयी, नाम था बाज़ीगर। अब्बास मस्तान की इस Musical Thriller में शाहरुख़ खान नज़र आए एक खतरनाक और जुनूनी हीरो के रोले में जिसने बदला लेने के अपने अपने मक़सद के लिए गलत रस्ते पे चलना भी गवारा था। वह इस हद तक जुनूनी थे की अपने मक़सद के लिए उन्होंने ने अपनी प्रेमिका को भी जान से मार डाला।
इस फिल्म का एक डायलाग हमेशा के लिए लाफ़ानी हो गया – कभी कभी जीतने के लिए कुछ हारना भी पड़ता है … और हार कर जीतने वाले को बाज़ीगर कहते हैं!
इस फिल्म से शाहरुख़ खान ने हिंदी फिल्मजगत में हीरो का मतलब ही बदल दिया। पर यह इतना आसान नहीं था। उस दौर में अपने करियर के बिलकुल शुरुवाती वक़्त में यह एक बहुत बड़ा रिस्क था, पर शाहरुख़ के लिए वह गेम ही क्या जिसमे रिस्क न हो! इस फिल्म ने शाहरुख़ खान को एक दम से बुलंदियों पे पंहुचा दिया। लोग उनके इस रोल को ऐडा करने की अदा और हुनर के कायल हो गए।
जहाँ इस रोल को उस वक़्त के कई अदाकारों ने सिर्फ अपनी इमेज को नुक्सान न होने के लिहाज़ से नहीं क़ुबूल किया था, उसी रोल ने बॉलीवुड को एक कमाल का अदाकार दे दिया।
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे