ये सिर्फ़ मोहब्बत की कहानी नहीं, रिश्तों, दोस्ती, गलतफ़हमियों और अधूरे एहसासों का सफ़र है।
हर किरदार अपने साथ एक अलग दर्द, राज़ या चाहत लेकर चलता है, और वक्त उन्हें बार-बार एक-दूसरे के सामने ला खड़ा करता है।
और शायद इसकी सबसे खूबसूरत बात यही है कि यहाँ मोहब्बत सिर्फ़ दो लोगों के बीच नहीं, पूरी ज़िंदगी और उसके रिश्तों के बीच महसूस होती है।

मोहब्बत और गलतफहमियों की दस्तक अरसलान अपनी सीट पे बैठा था। तभी राज और न्यूटन उसके पास आके बैठ गए। “यार न्यूटन, तुमको पता है कि…
अभी पढ़िए →ये दास्तान है सिर्फ एक इश्क़ की नहीं, बल्कि उन तमाम एहसासों का सफर है, जो हर किसी के भीतर कभी न कभी महकते रहते हैं।
किस्त 09
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किस्त 01कुछ कहानियाँ खत्म नहीं होतीं, बस अगली किस्त का इंतज़ार करती हैं...