रिश्ता.. एक एहसास!
अंकित और नूपुर की कहानी, जहाँ कॉलेज की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदलती है, फिर सात साल की दूरी के बाद दोनों दोबारा मिलते हैं।

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
अंकित ने राहुल की शादी से एक हफ्ता पहले इंडिया वापस जाने का प्लान बनाया था। वो पिछले गुजरे हुए सालों के बारे में सोच रहा था और उसे यकीन नहीं आ रहा था कि उसे इंडिया छोड़े हुए पूरे 7 साल हो चुके हैं। आखिरकार वो इंडिया वापस आ गया उसे देख कर उसके घर वाले बहुत ज्यादा खुश हुए। उसकी मां की आंखों से तो आंसू रुक ही नहीं रहे थे।
अंकित ने जब अपनी मां की ऐसी हालत देखी तो बोला – अरे मां, अब बस भी करो ना। अब ये रोना बंद करो, मुझे कुछ खाने को दो, बहुत जोरों की भूख लगी है।
अंकित की मां ने अपने आंसू पूछते हुए कहा – पागल ये तो खुशी के आंसू हैं, चल मैं तुझे खाना परोसती हूं।
फिर राहुल की शादी वाले दिन अंकित उदासी के साथ तैयार होकर घर से निकल गया। उसे न जाने क्यों बार-बार नूपुर की याद सता रही थी। जब वो शादी में पहुंचा तो अपने दोस्तों को पहचान नहीं पा रहा था, क्योंकि सबसे जुदा हुए उसे काफी टाइम हो गया था। राहुल ने जब अंकित को देखा तो वो बहुत गर्म जोशी के साथ उससे मिला और उसे अपने गले लगा लिया और बोला – दोस्त हो तो तेरे जैसा, तूने मेरी शादी में आकर महफिल में रंग जमा दिया है।
इस पर अंकित ने हंसते हुए कहा – क्या यार तू सुधरेगा नहीं।
वो दोनों आपस में गपशप करने लगे कि तभी अंकित की नजर सामने की तरफ से आती हुई लड़की के ऊपर ठहर गई। उसने राहुल की तरफ देख कर कहा – ये , ये तो नूपुर है ना?
राहुल ने कहा – हां यार नूपुर ही तो है, तू भूल गया क्या? ये भी तो मेरी दोस्त है और इसलिए इसका भी मेरी शादी में आना बनता है।
अंकित के दिल में अजीब सी उथल-पुथल होने लगी और वो खुद पर कंट्रोल करते हुए नूपुर की तरफ बढ़ गया। उसने नूपुर से कहा – कैसी हो नूपुर?
नूपुर एकदम से उसे पहचान नहीं सकी लेकिन फिर उसकी आंखों में एक चमक सी उभर आई और वो बोली- मैं ठीक हूं तुम बताओ कैसे हो?
अंकित बोला- मैं भी बिल्कुल ठीक हूं।
लेकिन इस दौरान अंकित को ये सोचकर टेंशन होने लगी थी कि कहीं नूपुर की शादी तो नहीं हो गई? हालांकि वो उससे इस सवाल को नहीं पूछना चाहता था लेकिन दिल के हाथों मजबूर होकर उसने आखिर उससे पूछ ही लिया – नूपुर तुम अकेली ही आई हो? तुम्हारा हस्बैंड साथ में नहीं आया?
इस पर नूपुर ने नजरें झुका कर कहा – नहीं, मैंने अभी शादी नहीं की है।
नूपुर का जवाब सुनकर अंकित के होठों पर मुस्कान सी आ गई और उसने उससे कहा – मैंने भी नहीं की। जब तुम बिना बताए चली गई थी तो मैं बहुत टूट गया था, लेकिन लाख कोशिश के बाद भी मैं तुम्हें अपने दिल से भुला नहीं सका।
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे