रिश्ता.. एक एहसास!
अंकित और नूपुर की कहानी, जहाँ कॉलेज की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदलती है, फिर सात साल की दूरी के बाद दोनों दोबारा मिलते हैं।

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
अंकित की बातों से प्यार ही प्यार झलक रहा था जिसे सुनकर नूपुर को खुद पर बहुत नाज हुआ कि कोई किसी को इतना ज्यादा भी चाह सकता है और वो कितनी खुश किस्मत है कि उसे ऐसा सच्चा इंसान मिला। फिर उसने अंकित को अपने पापा के ट्रांसफर से लेकर अब तक की सारी बात बताई। दोनों ने एक दूसरे के साथ ढेर सारी बातें कीं।
राहुल की शादी अटेंड करने के बाद अंकित ने नूपुर को कहा कि वो उसे घर छोड़ देगा। जब नूपुर का घर आ गया तो अंकित ने उससे कहा – नूपुर मैं इतने साल तुमसे दूर रहने के बाद भी तुम्हें भुलाने में कामयाब नहीं हो सका। तुम्हारे साथ जो मेरा एहसास का रिश्ता जुड़ गया था वो मेरे लिए इस दुनिया में सबसे ज्यादा कीमती है। इसलिए अब कभी मुझे छोड़कर मत जाना क्योंकि इस बार अगर टूटा तो मैं खुद को संभाल नहीं पाऊंगा ।
अंकित की बातें सीधा नूपुर के दिल पर असर कर रही थीं और उसने फिर उसकी आंखों में देखते हुए कहा- अंकित मेरा दिल भी तुम्हारे एहसास और प्यार से भरा हुआ है। मेरी जिंदगी में जो तुम्हारी जगह है वो कभी कोई नहीं ले सकता और तुम देख ही सकते हो कि मैंने आज तक शादी इसलिए नहीं की क्योंकि मुझे तुम्हारा इंतजार था। आई लव यू सो मच।