तलाश: एक क़दीम सक़ाफ़त में खोया हुआ माज़ी!
एक रहस्यमयी सफर, जहाँ एक नौजवान को हिन्दुस्तान के दूर-दराज़ कबाइली इलाके में एक पुरानी सक़ाफ़त और अपने माज़ी से जुड़ा अनोखा राज़ मिलता है।

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
मुझे कुछ समझ नहीं आया पर मैंने जाने का इरादा छोड़ दिया । रात को फिर वही नगाड़ों की धुन की लहरें माहोल को नशीला बनाने लगी। न जाने कब मैं खेमे से बाहर आया और घाटी की तरफ चल पड़ा। मैं कब उस चाँदनी रात में उसी झरने के पास जाकर बैठ गया। वहाँ ठंड हो रही थी और पता नहीं कब मैं गश कहा कर गिर गया, मुझे कुछ याद न रहा।
तलाश: माज़ी और हल की जंग!
एक हफ्ते के तेज़ बुखार के बाद मुझे एक अस्पताल के बेड पर होश आया। राज मेरे पास था उसने मुझे बताया की उस रात वो लोग मुझे तलाश करते हुवे झरने के पास पहुंचे तो मैं वहाँ बेहोश मिला था। तेज बुखार था और पता नहीं किस ज़बान में कुछ बोल रहा था। बस एक बात समझ आई की तुम कहीं मत जाना। यह इस लिए समझ आया क्योंकि यह तूने उसी पुरानी जबान में कहा था।
राज की बात सुन मैं परेशान हो गया। रात भर कुछ समझ नहीं आया। फिर कब सोया कुछ याद नहीं । राज मेरे साथ सो रहा था। रात के दो बजे मेरी आँख खुली और उठ गया। मुझे फिर से वही नगाड़ों की आवाज़ सुनाई दे रही थीं। मैं फिर उन आवाजों की तरफ बढ़ने लगा, तभी राज की भी आंख खुल गयी। उसने मुझसे पूछा की क्या हुआ!
मैंने कहा की हम तो उस वादी से काफी दूर हैं, पर फिर भी क्यूँ यह नगाड़े की आवाज़ अ रही है। राज बोला कौन की आवाज़! उसे तो कोई आवाज़ नहीं आ रही। मैंने कहा वही आवाज जो हम लोगों तो कैम्प में आती थी। तब राज बोला नहीं उसने तो कभी कोई आवाज़ नहीं सुनी। फिर उसने विकेश को कल की और पूछा तो उसने भी किसी म्यूजिक या नगाड़ों की आवाज़ को नहीं सुना था। असल में पूरे कैम्प में किसी ने कभी ऐसा कुछ नहीं महसूस किया था।
यह सब सुन मैं परेशान हो गया। तब राज बोला तुम परेशान न हो, हो सकता ही की यह महेज़ एक भरम हो। बाता कॉफी पिएगा, मैं लाता हूँ कैन्टीन से। मूड ठीक होगा तेरा। मैंने हामी भरी। राज चला गया और मैं फिर कही खो गया।
फिर कुछ देर बाद राज ने मुझे हिला के जगाया। कॉफी पीते हुवे मैंने राज से कहा “तुम इतने समय से यहाँ पर खोज रहे हो ,पर तुम्हे कुछ नहीं मिला।”
राज बोला “हाँ! पर ये सब तुम इस वक़्त क्यों पूछ रहे हो?
मैंने कहा “ पर इस खोज के सरे पहलु झरने के पास है।”
राज कुछ नहीं बोला बस मुझे देखता रहा। कुछ देर बाद में सो गया। अगले दिन मुझे कुछ याद नहीं था। राज ने मुझे रात वाली घटना के बारे में बताया। राज बोला की तुम अभी सफर करने की हालत में नहीं हो, इसलिए तुम एक दो दिन रुक जाओ। मैं आज साइट पे जा रहा हूँ, पर विकेश आन वाला है। वो रुकेगा तुम्हारे साथ।
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे