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तेरी उल्फत में | अफवाहें, मोहब्बत और दर्द का अनकहा पहलू | क़िस्त 06

कुछ देर कार में कोई कुछ नहीं बोला। फिर शहर आ गया। अलविना ने कार रोक दी “वो मेन सिटी पहुंच चुके थे। अलविना बोली “उसके साथ जो हुआ सही हुआ, मैं समझ सकती हूं, आपको बुरा लग रहा है, क्योंकि वह आपका दोस्त है। पर ऐसे लोगों के साथ ऐसा ही होना चाहिए। आपको […]

Afwahe Mohabbat Aur Dard Ka Unkaha Pehlu

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

कुछ देर कार में कोई कुछ नहीं बोला। फिर शहर आ गया। अलविना ने कार रोक दी “वो मेन सिटी पहुंच चुके थे। अलविना बोली “उसके साथ जो हुआ सही हुआ, मैं समझ सकती हूं, आपको बुरा लग रहा है, क्योंकि वह आपका दोस्त है। पर ऐसे लोगों के साथ ऐसा ही होना चाहिए। आपको यहां से टैक्सी आसानी से मिल जाएगी।” हिना अलविना के अंदाज का रूखापन साफ ​​महसूस कर रही थी। वह कार से उतर के बोली “लिफ्ट का बहुत – बहुत शुक्रिया अलविना, पर मुझे अपने दोस्त पे पूरा यकीन है। वह इतनी गिरी हुई हरकत नहीं कर सकता।”

अलविना ने सुना और चली गई। हिना ने टैक्सी की और घर आ गई। घर पे सना और उसके पापा डॉ. ताहिर उसका इंतजार कर रहे थे। सना बोली “हिना कहां रह गई थी। मैं कब से इंतजार कर रही हूं।”

"झूठी अफवाहों के साए में, इश्क़ बेजुबां हो गया,
दिल तो अपना सच्चा था, पर जहाँ बेमहरबां हो गया।"

“हां बेटा क्या हुआ, ये न्यूटन का सुन कर यकीन ही नहीं आता। न्यूटन ऐसा कुछ नहीं कर सकता। उसने झूठी अफवाह को दिल पे लगा लिया है।” डॉ. ताहिर परेशान होते हुए बोले।

“अंकल, अफवाह तो थी ही, उस पर से उसी का बेस बना के उसे एक्सटेंशन नहीं मिला है। वह अंदर से टूट गया है। स्टडीज को बहुत सीरियसली लेता है।”

हिना बोली “पापा, आपके कॉन्टैक्ट में कोई ऐसा है जो कुछ कर सके। प्लीज देखिए ना!”

डॉ. ताहिर ने तसल्ली दी “बेटा मैं कल डिपार्टमेंट हेड से मिलने जा रहा हूं, साहिल के बारे में बात करने के लिए। उसके पिता की मौत के बाद, उसकी मां ने तो अलग घर बसा लिया, पर उसके सौतेले बाप ने उसको कभी अपनाया नहीं, बस कुछ पैसे हर महीने दे देता है। उसके पिता मेरे करीबी दोस्त थे। यह मेरा फ़र्ज़ है।”

“चलो तुम लोग भी डिनर करके आराम करो। मैं जरा नर्सिंग होम हो के आता हूं।” डॉ ताहिर ये कहते हुए वहां से चले गए। उनके जाने के बाद हिना ने सना को अलविना से मुलाक़ात और अपनी बातें बताई। सना बोली “यार, मुझे लगता है कि अलविना का हाथ है इसमें।”

हिना बोली “मुझको भी लग रहा है। पर न्यूटन कुछ बोल ही नहीं रहा। उसके बताए बगैर, क्या करें कुछ समझ नहीं आ रहा।”

तभी फोन की रिंग ने उनकी बातों के सिलसिले को तोड़ा। सना ने फोन उठाया “हैलो!”

दूसरी तरफ रोहित था “सना, हिना को ले के फ़ौरन अंकल के नर्सिंग होम पहुंचो। न्यूटन ने सुसाइड अटेम्प्ट की है। “सना और हिना सुन कर एकदम घबरा गईं। फिर दोनो जल्दी – जल्दी घर से निकलीं।

नर्सिंग होम में न्यूटन आईसीयू में था। रोहित, राज और अरसलान बाहर बैठे थे। हिना और सना भागी हुई उनके पास पहुंची। “न्यूटन कैसा है। वह ठीक तो है। क्या हुआ और कैसे हुआ।”

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे