तेरी उल्फत में | अफवाहें, मोहब्बत और दर्द का अनकहा पहलू | क़िस्त 06
“उसने अपनी कलाई की नस काट ली है। हम तीनो हॉस्टल में थे। हम सबने उसके मूड को हलका करने के लिए कहा कि चलो बाहर चलते हैं खाना खा के आते हैं। वह बोला ठीक है और नहाने चला गया। हम लोग भी बाहर गार्डन में आ के इंतजार करने लगे। जब देर हुई […]

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
“उसने अपनी कलाई की नस काट ली है। हम तीनो हॉस्टल में थे। हम सबने उसके मूड को हलका करने के लिए कहा कि चलो बाहर चलते हैं खाना खा के आते हैं। वह बोला ठीक है और नहाने चला गया। हम लोग भी बाहर गार्डन में आ के इंतजार करने लगे। जब देर हुई तो अरसलान ऊपर देखने गया तो दरवाजा बंद था। जब आवाज देने पर न्यूटन ने जवाब नहीं दिया, न तो दरवाजा खोला, तो घबरा कर दरवाज़े को तोड़ा तो सामने न्यूटन बेहोश मिला, हाथ से खून बह रहा था। अगर जरा सी भी देर होती तो…” इतना कहते हुए राज रोने लगा।
सभी दोस्त एक दूसरे को संभाल रहे थे। कुछ देर में रूबी और जावेद भी पहुंच गए। मेजर शेखर भी वहीं मौजूद थे। सभी एक दूसरे को संभाल रहे थे। तभी डॉ. ताहिर उनके पास आए और बोले “अगर जरा सी देर हो जाती तो पता नहीं क्या होता…. लेकिन अभी भी खतरा टला नहीं है। 12 घंटे तक क्रिटिकल है। मैं जरा कुछ टेस्ट के रिजल्ट्स देखकर आता हूं। आप लोग अभी अंदर मत जाइए।” सब परेशान थे। सभी वहीं लॉबी में बैठे थे। सिमरन भी अब उनके साथ ही थी। वह राज और बाकी लोगो को संभाल रही थी। घड़ी की सूई को तो जैसे इल्म ही नहीं था कि उसे चलना भी है। सब बस घड़ी ही देख रहे थे। रात कटने का नाम ही नहीं ले रही थी।
अगली सुबह न्यूटन को होश आ गया। सब उसको घेरे हुए थे। पर वह अभी भी चुप था। आंखें पथरा गई थीं उसकी। डॉ. ताहिर ने भी सबको कहा कि अभी इसको आराम करने दें। अभी कुछ बोलना या बात करना सही नहीं होगा। सब नर्सिंग होम से लौट आए, पर दिल तो उसी में अटका था सबका।
अफवाहों की ढूंढ छटने लगी
उस दिन कॉलेज में भी सिर्फ यही चर्चा था। सब न्यूटन के ही बारे में बात कर रहे थे। अलविना अपने हॉस्टल की तरफ जा रही थी। गैलरी के एक कोने से उसे कोमल की आवाज आई। वह कुछ बोलती उससे पहले ही, उसे किसी लड़के की भी आवाज आई। उसे गौर से सुना।
“देखो ज़ैन, तुमने जैसे प्लान किया मैंने वैसा ही किया। तुमने न्यूटन और अलविना की झूठी न्यूज कॉलेज में फैलाकर न्यूटन और उसके दोस्तों को मजा चखा दिया। मैने तुम्हारे कहने पे अलविना के कान भरे। और उसने तुम्हारा काम कर दिया। अभी तक किसी को शक भी नहीं हुआ है। पर अगर न्यूटन को कुछ हुआ तो क्या करेंगे।” कोमल कुछ परेशान लहजे में बोली।
ज़ैन ने कोमल को समझाया “अरे तुम परेशान ना हो, मैं सब संभाल लूंगा। मजा आ गया है। अरसलान और उसके दोस्तों को तकलीफ दे के मुझे बड़ा मजा आया। लेकिन तुम्हारी दोस्त का भी थैंक्स करने का दिल कर रहा है। जो बिना सच को परखे न्यूटन को ही गलत मान बैठी। न्यूटन तो बिल्कुल सीधा साधा गधा है।”
यह सुन दोनों हंसने लगे और आगे बढ़ गए। उन्हें अलविना की मौजूदगी का एहसास भी नहीं हुआ।
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे