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तेरी उल्फत में | अफवाहें, मोहब्बत और दर्द का अनकहा पहलू | क़िस्त 06

“थैंक्स यू सर! आपका बहुत – बहुत शुक्रिया, सर” अलविना उनसे बस यही कह पाई। अफवाहों के बीच मोहब्बत की कहानी “क्या मैं अंदर आ सकती हूं न्यूटन” अलविना खूबसूरत फूल का गुलदस्ता लिए न्यूटन के कमरे के दरवाजे पे खड़ी थी। “जी, आ जाइए। अब क्या किया है मैंने जो आप यहां भी आ […]

Afwahe Mohabbat Aur Dard Ka Unkaha Pehlu

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

“थैंक्स यू सर! आपका बहुत – बहुत शुक्रिया, सर” अलविना उनसे बस यही कह पाई।

अफवाहों के बीच मोहब्बत की कहानी

“क्या मैं अंदर आ सकती हूं न्यूटन” अलविना खूबसूरत फूल का गुलदस्ता लिए न्यूटन के कमरे के दरवाजे पे खड़ी थी।

“जी, आ जाइए। अब क्या किया है मैंने जो आप यहां भी आ गई। “न्यूटन ने नाराज़गी से कहा।

अलविना ने काफ़ी सलाहियत से कहा “मुझे पता है, तुम मुझे देखकर कभी खुश नहीं होगे, पर मैं यहां तुमसे कुछ जरूरी बात करने आई हूं।”

“जी बताइए, अब क्या गलत किया मैंने। और पुलिस को आपने बाहर खड़ा रखा है या कुछ देर बाद फोन करके बुलाएंगी! “न्यूटन के लहजे में तंज ही तंज था।

“मैं समझ सकती हूं तुम्हारे गुस्से को, और तुम्हारा गुस्सा जायज भी है। मेरी गलती की वजह से तुमको जो तकलीफ हुई है उसी से मैं खुद से भी नराज हूं। “अलविना ने गुलदस्ता न्यूटन के साइड टेबल पे रखते हुए कहा।

“अच्छा, बड़ी जल्दी आपको आपकी गलती का एहसास हो गया, यहां मेरी पूरी मेहनत खराब हो गई, करियर पर सवालिया निशान लग गए।”

“हम्म .. न्यूटन, अपनी गलती को कुछ हद तक मैंने सुधार लिया है। यह लो तुम्हारा एक्सटेंशन लेटर, तुम्हारे डिपार्टमेंट हेड ने एक्सटेंशन दिया है। यह शायद तुमको एहसास दिला दे कि मैं सच में काफ़ी शर्मिंदा हूं।” अलविना ने न्यूटन को लेटर देते हुए कहा।

“क्या सच में मुझे एक्सटेंशन मिल गया है!” न्यूटन खुशी से बस इतना ही कह सका।

“हां, जब मैंने उनको जाकर अपनी गलती के बारे में बताया तो, तुम्हारा एक्सटेंशन मंजूर कर लिया। अब तुम्हारे पास एक पूरा हफ्ता है। तुम आराम से अपना प्रोजेक्ट सबमिट कर सकते हो। मेरे अगेंस्ट एक्शन हो सकता है। लेकिन कोई नहीं, देख लूंगी वो सब” अलविना ने हल्की सी मुस्कुराहट भरे लहजे में कहा।

“शुक्रिया अलविना जी, आपने जो किया है उसको मैं कभी नहीं भूलूंगा। मेरी जिंदगी में दोबारा जान आ गई है।”

“मेरी गलती थी जो मुझे सुधारनी थी। मैने वही किया। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। और जो तकलीफ तुमको हुई है उसके आगे यह कुछ नहीं है। बस हो सके तो मुझे माफ करना।”

“आपने जो मेरे लिए किया है, वह बहुत बड़ी बात है। वरना आप सब कुछ छुपा सकती थी। अब अगर आपके खिलाफ कोई बड़ा एक्शन हुआ तब।”

“हम्म… उसे छोड़ो, बाद की बात है। पर तुमने मेरा नाम क्यूं नहीं लिया। अगर तुम शुरू में मेरा नाम बता देते शायद यह बात इतनी बढ़ती ही नहीं। “अलविना ने ने न्यूटन से कहा।

“हां, पर मैं ऐसा नहीं कर सकता था, एक तो वैसे ही पूरे कॉलेज में मेरी और आपके रिलेटेड फलतू की बातें फैली थीं। उस दिन मैंने महसूस किया था कि आप कितनी ज़्यादा हर्ट हो। मेरे ऐसा करने से बात और बढ़ती। वैसे गुस्सा मुझे बहुत आया, पर अपने गुस्से के लिए मैं किसी को इतना हर्ट नहीं कर सकता। इससे आपकी और मेरी दोनों की बदनामी होती है।” न्यूटन ने मुस्कुराते हुए कहा।

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे