तेरी उल्फत में | अफवाहें, मोहब्बत और दर्द का अनकहा पहलू | क़िस्त 06
“मैंने तुमको मारा, दो बार। इतना कुछ कहा, फिर भी तुमने मेरा नाम नहीं लिया, कमाल के बंदे हो तुम, न्यूटन। तुमने सच ना बोल के इतना बड़ा कदम उठा लिया।” अलविना ने हैरान होते हुए कहा। “अलविना जी, इंसान की इज्जत बड़ी चीज होती है, जिंदगी से भी ज़्यादा। बस मैं अपनी या किसी […]

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
“मैंने तुमको मारा, दो बार। इतना कुछ कहा, फिर भी तुमने मेरा नाम नहीं लिया, कमाल के बंदे हो तुम, न्यूटन। तुमने सच ना बोल के इतना बड़ा कदम उठा लिया।” अलविना ने हैरान होते हुए कहा।
“अलविना जी, इंसान की इज्जत बड़ी चीज होती है, जिंदगी से भी ज़्यादा। बस मैं अपनी या किसी भी सही इंसान की बेज्जती नहीं देख सकता।” न्यूटन ने संजीदगी से कहा।
अलविना हैरानी से न्यूटन को देख रही थी, उसे यकीन नहीं आ रहा था कि कोई इंसान इतना सीधा और शरीफ भी हो सकता है। “न्यूटन तुम बहुत इनोसेंट हो। काफ़ी ज़्यादा सुलझे हुए इंसान हो। तुम ऐसे ही रहना। दुनिया में तुम्हारे जैसे लोगों की कमी है।”
“ओह! सच में, वैसे आप कुछ लेंगी इस इनोसेंट से इंसान के साथ, टी ऑर कॉफी, देखिए मेरे पास सब अवेलेबल है।” न्यूटन ने दो फ्लास्क दिखाते हुए पूछा।
“हम्म… तुम्हारी मर्ज़ी जो पिला दो।” अलविना ने भी मज़े से कहा।
“कॉफी पीते है, रूबी आपा के हाथ की कॉफी कमाल की होती है।” न्यूटन ने कॉफी कप में निकालते हुए कहा।
"हर अफवाह में कहीं न कहीं सच का हिस्सा है,
मगर मोहब्बत का रंग, सबसे गहरा किस्सा है।"
“न्यूटन, वैसे तुमको एक बात बताना जरूरी है, ये सब जो फालतू की बाते फैलाई गई, सब कुछ ज़ैन और मेरी दोस्त कोमल का करा धरा है। मेरी सबसे क्लोज फ्रेंड ने मुझे धोखा दिया, और मैंने आसानी से उसकी बातों में आकर इतना बड़ा कदम उठा लिया। सोचा भी नहीं।” अलविना ने कॉफी पीते हुए कहा।
“यह ज़ैन और उसके दोस्त, पता नहीं हम लोगों से क्या इश्यू है उसका।” न्यूटन ने सोचते हुए कहा।
“ज़ैन और कोमल को इसका जवाब तो देना ही होगा।” अलविना ने थोड़ा गुस्से से कहा।
“नहीं अलविना, कुछ मत करना, अभी सेमेस्टर्स का एंड है, अगर यह बात फैली तो मेरे दोस्त बिना कुछ सोचे-समझे ज़ैन के पीछे पड़ जाएंगे। इससे बात और बिगड़ सकती है। वैसे भी डिपार्टमेंट हेड ने जब कहा है कि वह छानबीन करेंगे, तो अभी रहने दो।” न्यूटन ने अलविना को शांत करते हुए कहा।
“तुम सिर्फ दूसरों की क्यों सोचते हो, अच्छा है पर अपना भी तो सोचो।” अलविना ने हैरान होते हुए कहा।
“दूसरे नहीं, मेरे अपने हैं सब। तुम मेरे दोस्तों को अभी नहीं जानती, मेरा अपना कोई सगा नहीं है। पर मुझे कभी सगों की कमी नहीं होने दी है मेरे दोस्त ने।” न्यूटन ने बताया।
“हम्म… हिना से मैं मिल चुकी हूं। तुम पे बहुत यकीन है उसे। तुम शायद सही हो न्यूटन, जैसे अच्छे तुम हो, वैसे अच्छे तुम्हारे दोस्त हैं।” अलविना मुस्कुराते हुए बोली।
न्यूटन ने भी अलविना की इस बात पे मुस्कुरा दिया।
“अच्छा मैं तुम्हारे लिए यह लैपटॉप लायी हूं। तुम्हारा लैपटॉप जो मैंने तोड़ दिया था…” अलविना एक न्यू लैपटॉप न्यूटन को देते हुए बोली।
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे