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तेरी उल्फत में | कशिश और अरसलान के टकराव की पहली झलक | क़िस्त 07

“जैसा कि सर ने बताया कि प्रोजेक्ट काफ़ी बड़ा है और मैन पॉवर भी काफ़ी चाहिए। इसलिए हमने कुछ अहम फैसले लिए हैं। हमारी ट्रेनी टीम जिसमे आप सब लोग हैं, हमने आप लोगों की अभी तक की प्रोग्रेस को देखते हुए, फैसला लिया है कि इस प्रोजेक्ट के डिजाइन का पूरा काम आप लोगों […]

Kashish and Araslan Clash: The First Glimse

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

“जैसा कि सर ने बताया कि प्रोजेक्ट काफ़ी बड़ा है और मैन पॉवर भी काफ़ी चाहिए। इसलिए हमने कुछ अहम फैसले लिए हैं। हमारी ट्रेनी टीम जिसमे आप सब लोग हैं, हमने आप लोगों की अभी तक की प्रोग्रेस को देखते हुए, फैसला लिया है कि इस प्रोजेक्ट के डिजाइन का पूरा काम आप लोगों को दिया जाएगा। मैं आपकी हेल्प के लिए हमेशा रहूंगा, पर सर चाहते हैं कि आप लोग पूरे प्रोजेक्ट को एक्जीक्यूट करें। यह एक काफ़ी बड़ा प्रोजेक्ट है, और आप लोग पर रिस्पांसिबिलिटी बहुत होंगी। हम सबको आप सबसे बहुत उम्मीदें हैं। इसलिए आप लोग अभी से तैयारी में लग जाएं।”

सब लोग एक दूसरे को देखने लगे, क्योंकि किसी ने नहीं सोचा था कि उन्हें इतनी जल्दी कोई इतनी बड़ी जिम्मेदारी का काम दे देगा।

उनके चेहरे देखकर शमशेर खान बोले, “मुझे पता है, तुम सब घबरा रहे होगे, पर मैंने और मोहित ने काफी सोच समझ के यह फैसला लिया है। हमको तुम लोगो की काबिलियत पे यकीन है। एक बात याद रखना, जिंदगी में हर चीज पहली बार होती है। यह आपका पहला बड़ा काम है। बस आप लोग अपना बेस्ट करिए। हमें यकीन है कि आप सब कामयाब होंगे। बाकी मोहित है, और दूसरे लोग हैं। कोई दिक्कत नहीं होगी।”

“जी सर, हम अपना बेस्ट देंगे, यकीन कीजिए।” रोहित बोला, तो सबने अपनी रजामंदी दिखाई।

“ओके चलो काम पे लग जाओ। अपने सेमेस्टर एग्जाम्स के साथ काम करिए, जहां तक ​​हमको लगता है, प्रोजेक्ट शुरू होने में अभी तीन से चार मंथ लगेंगे। उस प्रोजेक्ट को हेड सिमरन करेगी। बाकी सब इसके साथ कॉर्डिनेट करेंगे। “मोहित ने मुस्कुराते हुए कहा।

फिर शमशेर खान बोले “एक जरूरी बात, आप सबके सेमेस्टर एग्जाम्स के बाद हम आप सबको फुल टाइम हायर करने की सोच रहे हैं। तो यह प्रोजेक्ट आपकी परमानेंट जॉब के लिए एक एग्जाम है। आप अपने को प्रूव कीजिए, और एक बेहतर मुस्तक़बिल की शुरूआत कीजिए हमारे साथ।”

सब बहुत खुश थे। और एक दूसरे को देख रहे थे। कशिश को लेकिन खुशी नहीं थी। वह अपने पापा के फैसले से ना खुश थी। क्योंकि उसे अरसलान और उसके दोस्त कतई पसंद नहीं थे।

तभी शमशेर खान बोले “कशिश, हम चाहते हैं कि आप भी इस प्रोजेक्ट में काम करें। इसमें आपको काफ़ी कुछ सीखने को मिलेगा। कल से आप सिमरन को रिपोर्ट करेंगी।”

कशिश कुछ बोलती उससे पहले ही मिस्टर मोहित बोले “अरसलान, मैं सोच रहा हूं कि कशिश की प्रोग्रेस का तुम और सिमरन खास ख्याल रखो।”

“हां बिल्कुल सही है मोहित, मैं खुद ऐसा सोच रहा था। अरसलान और सिमरन आप दोनों को यह काम भी देखना है।” शमशेर खान ने मोहित की राय पे मोहर लगा दी।

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे