तेरी उल्फत में | कशिश और अरसलान के टकराव की पहली झलक | क़िस्त 07
“जी सर, ऐसा ही होगा” सिमरन ने जवाब दिया। अरसलान ने भी हामी भर दी। कशिश का खून खौल रहा था। उसको इस वक्त मोहित और शमशेर खान पर गुस्सा आ रहा था। अरसलान जिसकी वह शक्ल भी नहीं देखना चाहती, उसे अब उससे ट्रेनिंग लेनी पड़ेगी। "तेरे गुरूर ने तुझसे ही सब छीन लिया,ताजमहल […]

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
“जी सर, ऐसा ही होगा” सिमरन ने जवाब दिया। अरसलान ने भी हामी भर दी। कशिश का खून खौल रहा था। उसको इस वक्त मोहित और शमशेर खान पर गुस्सा आ रहा था। अरसलान जिसकी वह शक्ल भी नहीं देखना चाहती, उसे अब उससे ट्रेनिंग लेनी पड़ेगी।
"तेरे गुरूर ने तुझसे ही सब छीन लिया,
ताजमहल भी तब तक है, जब तक इश्क़ जिंदा।"
कुछ देर बाद कैफेटेरिया में, राज और अरसलान बैठे बात कर रहे थे। न्यूटन परेशान हालत में उनके पास आया और बोला “यार बाकी सब कहां हैं! मुझे कुछ जरूरी बात करनी है!”
राज बोला “क्या हुआ न्यूटन, सना और हिना ऐज़ यूजुअल सिमरन के साथ हैं। और रोहित वह रहा काउंटर पे खाने का ऑर्डर दे रहा है। भाई हुआ क्या परेशान लग रहा है!”
“भाई परेशानी बड़ी है, पता नहीं कहां से एक लड़की मुझे पसंद करने लगी है। वह मेरा पीछा करती है। उसे मेरे बारे में सब पता है। इवेन मैं क्या पहन कर ऑफिस आया हूं, वह भी! यार वह कॉलेज में भी मुझे फॉलो कर रही है।” न्यूटन ने अपनी परेशानी बताई।
उसकी बात सुनकर राज हंसने लगा। अरसलान भी मुस्कुराने लगा। फिर राज अपने को रोक कर बोला “यार अजीब बंदे हो, एक लड़की तुमको फॉलो कर रही है और तुम ऐसे घबरा रहे हो जैसे कोई तुम्हारा कत्ल करने के लिए तुम्हारे पीछे लगा हो।”
न्यूटन को दोनों पे गुस्सा आया और बोला “यार तुम दोनों को पता है मुझे इन फलतू की बातों में दिलचस्पी नहीं है। मैं नहीं चाहता कि फिर मुझे वो सब झेलना पड़े जो मैं पहले भी झेल चुका हूं।”
अब राज और अरसलान सीरियस हो गए। राज बोला “भाई माफ करदे, हमको पता है तेरे बारे में, पर तू सिर्फ़ एक रिजेक्शन को ले के सारी जिंदगी नहीं बिता सकता।”
“हां न्यूटन, जो हुआ उसे भूल जाओ। वह लड़की तुझको डिसर्व ही नहीं करती थी। तू क्यों हमेशा उसे याद करता है।” अरसलान ने न्यूटन को समझाते हुए कहा।
अब तक रोहित भी आ गया था। वह बोला “भाई, हो सकता है कि यह लड़की सच में तुमको पसंद करती हो। भाई जिंदगी ने तुमको मौका दिया है। भाई लड़की खुद तेरे को सामने से आ के इजहार कर रही है।”
“और इसकी क्या गारंटी है कि वह जो कह रही है वह सच है। क्या पता ये सब एक भद्दा मज़ाक हो, भाई अब मेरे अंदर इतनी ताकत नहीं है कि मैं दोबारा से सब कुछ झेल पाऊं।” न्यूटन ने परेशान होते हुए अपनी बात कही।
“यार प्यार में गारंटी नहीं होती, कोई शॉपिंग करने निकला है क्या तू।” राज ने फिर न्यूटन को समझाया।
“यार तुम लोगों को समझ क्यों नहीं आ रहा, भाई तुम खुद सोचो, मुझे कोई क्यों पसंद करने लगेगा। क्या खास है मुझमें। ये सब एक फरेब है, और अब मैं फरेब में नहीं फसूंगा।” न्यूटन ने कहा।
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे