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तेरी उल्फ़त में

तेरी उल्फत में | कशिश और अरसलान के टकराव की पहली झलक | क़िस्त 07

“उनपे गुस्सा ना उतारो मुझसे बात करो। मुझे पक्का पता है कि ये सच ही बोले रहे हैं। वो तो खुद तुमको समझा रहे होंगे कि कभी मुझे भी कहीं बाहर ले जाओ। “सिमरन ने फिर कहा। “हां राज यह बिल्कुल सही बात नहीं है, हमको तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी।” अब की बार सना […]

Kashish and Araslan Clash: The First Glimse

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

“उनपे गुस्सा ना उतारो मुझसे बात करो। मुझे पक्का पता है कि ये सच ही बोले रहे हैं। वो तो खुद तुमको समझा रहे होंगे कि कभी मुझे भी कहीं बाहर ले जाओ। “सिमरन ने फिर कहा। “हां राज यह बिल्कुल सही बात नहीं है, हमको तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी।” अब की बार सना ने धावा बोला।

हिना भी अब राज को घूर रही थी। राज हैरान था, कि यह हो क्या रहा है। तभी रोहित हंसने लगा, उसके साथ सभी हंसने लगे। हंसते – हंसते बोला “बस यार और कंट्रोल नहीं होता, इसकी ऐसी हालत देखकर मुझसे नहीं रहा जाता। बस करो भाई। और खिंचाई ना करो।”

राज फिर हैरान था। “यह हो क्या रहा है, कोई मुझको बताएगा।” “कुछ खास नहीं, बस हम सब मिलकर तुम्हारी खिंचाई कर रहे थे।” सिमरन ने हंसते हुए कहा।

“तो ये सब तुम लोग जानबूझ के कर रहे थे।” राज ने थोड़ी नाराज़गी से कहा।” सबने सिर्फ मुस्कुराते हुए हामी भरी। “यह गलत किया आज तुम सब लोगों ने, ऐसा मजाक! यह ठीक नहीं है।” राज के चेहरे पे नाराजगी साफ दिख रही थी। सब चुप हो गए। सिमरन ने उसे समझाना चाहा, पर उसे मना करके वह वहां से चला गया। सब लोग एक दूसरे को देखते रह गए।