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कुमार विश्वास : पढ़ाई बीच में छोड़ी, प्रेमिका के प्रेम में बने कवि, जानिए इनकी फिल्मी कहानी

कॉलेज छोड़कर कवि सम्मेलन का बादशाह बने कुमार विश्वास, अब "रामायण" फ़िल्म के गीतों से भी चर्चा में हैं। पढ़िए सफ़र, फ़ीस और जीवन की पूरी कहानी।

कुमार विश्वास: कवि सम्मेलन के बादशाह और रामायण फ़िल्म के गीतकार

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

कुमार विश्वास की लव स्टोरी भी इतनी ही ज्यादा यूनिक है, जितनी ज्यादा इनकी कविताएं हैं। इनकी प्रेम कहानी राजस्थान के अलवर के कॉलेज से शुरू हुई थी। जिस कॉलेज में कुमार विश्वास लेक्चर थे, उसी कॉलेज में मंजू भी हिंदी की प्रोफेसर थी। मंजू का स्वभाव काफी ज्यादा अच्छा था, जिसके कारण कुमार विश्वास मंजू के प्यार में गिरफ्तार हो गए थे।

एक दिन मंजू और कुमार विश्वास ने अपने दिल की बात एक दूसरे से कह दी और दोनों ने जन्मो जन्म तक साथ रहने का फैसला किया। लेकिन दोनों के घरवाले नहीं माने। कुमार विश्वास मंजू से बहुत प्यार करते थे और उनका साथ नहीं छोड़ना चाहते थे। इसलिए इन्होंने परिवार की इजाजत के बिना पहले मंजू से कोर्ट में और फिर मंदिर में शादी कर ली।

लगभग 2 साल बाद इनके परिवार वालों ने इन्हें स्वीकार कर लिया था। कुमार विश्वास ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने बहुत बार मंजू के लिए शायरी लिखी थी और यहीं से इन्हें रोमांटिक शायरी लिखना अच्छा लगने लगा।

कुमार विश्वास का परिवार

पिता का नाम

चंद्रपाल शर्मा

माता का नाम

रामा शर्मा

पत्नी का नाम

डॉ मंजू शर्मा

बच्चों का नाम

अग्रता विश्वास और कुहू विश्वास

पसंदीदा चीजें

पसंदीदा नेता

अरविंद केजरीवाल

पसंदीदा कवि

रामधारी सिंह दिवाकर

पसंदीदा खेल

क्रिकेट

कुमार विश्वास की सफलता और अवार्ड

कुमार विश्वास एक सफल साहित्यकार हैं। इनके द्वारा लिखी गई कविताओं और रचनाओं को हर उम्र के लोग पढ़ना पसंद करते हैं। इन्हें अपने करियर में कई सफलताएं मिली हैं। इन्हें भारत में ही नहीं, बल्कि विदेश से भी कई प्रकार के अवार्ड मिल चुके हैं। आइए एक नजर डालते हैं कुमार विश्वास के अवार्ड्स पर –

  • साल 1994 में कुमार विश्वास को डॉ. कुंवर बाइचेन काव्य सम्मान और पुरस्कार समिति के द्वारा काव्य कुमार पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • साल 2004 में कुमार विश्वास को उन्नाव में साहित्य भारती द्वारा डॉ. सुमन अलंकरण पुरस्कार मिला था।
  • साल 2006 में हिंदी-उर्दू पारितोषिक लॉफ्टेड से भी नवाजा गया था।
  • साल 2010 में बदायूं में डॉ. उर्मिलेश जन चेतना समिति के द्वारा इन्हें डॉ. उर्मिलेश “गीत श्री” सम्मान से भी नवाजा गया था।

कुमार विश्वास की स्टेज परफॉर्मेंस और कवि सम्मेलन

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे