होम / मशहूर हस्तियाँ / कुमार विश्वास : पढ़ाई बीच में छोड़ी, प्रेमिका के प्रेम में बने कवि, जानिए इनकी फिल्मी कहानी
मशहूर हस्तियाँ

कुमार विश्वास : पढ़ाई बीच में छोड़ी, प्रेमिका के प्रेम में बने कवि, जानिए इनकी फिल्मी कहानी

कॉलेज छोड़कर कवि सम्मेलन का बादशाह बने कुमार विश्वास, अब "रामायण" फ़िल्म के गीतों से भी चर्चा में हैं। पढ़िए सफ़र, फ़ीस और जीवन की पूरी कहानी।

कुमार विश्वास: कवि सम्मेलन के बादशाह और रामायण फ़िल्म के गीतकार

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

कुमार विश्वास भारत के साथ साथ विदेशों में भी कार्यक्रम करने के लिए जाते हैं। इन्होंने दुबई, सिंगापुर, अबू धाबी और मस्कट जैसे देश में इंटरनेशनल लेवल पर भी परफॉर्मेंस की है। भारत में यह आईआईटी रूडकी, बिट्स पिलानी, एनआईटी पटना, आईआईएम लखनऊ, एनआईटी त्रिची, एनआईटी जालन्धर, एमएनआईटी इलाहबाद, एलएनसीटी भोपाल और जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में अपनी परफॉर्मेंस दिखा चुके हैं।

कुमार विश्वास की दौलत, घर और कार कलेक्शन

साल 2014 में इन्होंने एक हलफनामा दर्ज किया था। हलफनामे के अनुसार इनकी सालाना कमाई 27 लाख रुपए है। मौजूदा समय में इनकी कुल नेटवर्थ 4.2 करोड़ रुपए है। इनके पास 3.8 करोड रुपए की कुल संपत्ति है। गाजियाबाद के वसुंधरा में इनका एक फ्लैट है। जिसकी कीमत 90 लाख रुपए तक है। इसके अलावा ऋषिकेश में भी इनके पास 12 लाख रुपए के दो फ्लैट हैं। कुमार विश्वास के पास 12 लाख की टाटा एरिया और 5 लाख‌ की इनोवा गाड़ी भी है। इनके पास लगभग 26 लाख रुपए के जेवर भी हैं।

कुमार विश्वास से जुड़े हैं, कई विवाद

कुमार विश्वास का करियर काफी शानदार रहा है। लेकिन इनका नाम कई विवादों से भी जुड़ चुका है। इनका विवादों से पुराना रिश्ता है। इन्होंने एक बार अपने कवि सम्मेलन के दौरान हिंदू देवी देवताओं और इमाम हुसैन पर आलोचनात्मक टिप्पणी कर दी थी। इसके बाद मामला इतना ज्यादा बढ़ गया था कि इन्हें हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी थी।

इसके अलावा फरवरी 2023 में भी कुमार विश्वास एक विवाद में फंस गए थे। दरअसल कुमार विश्वास अब कवि से कथावाचक भी बन गए हैं। भारत में इनकी अलग-अलग जगहों पर कथाएं चलती हैं। फरवरी में यह कथा करने के लिए मध्य प्रदेश के उज्जैन में गए थे। कथा के दौरान ही इन्होंने कुछ ऐसा बोल दिया था कि पूरे मध्य प्रदेश में इनके खिलाफ नारे गूंजने लगे थे।

जहां-जहां भी इनके पोस्टर लगे थे, वहां पर कालस पौथ दी गई थी और पोस्टर भी फाड़ दिए गए थे। दरअसल इन्होंने कथा के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अनपढ़ और वामपंथियों को कुपढ़ कह दिया था, जिसके कारण काफी बवाल हो गया था। फिर कुमार विश्वास ने हाथ जोड़कर सबसे माफी मांगी थी।

एक बार इन्होंने वाल्मीकि समुदाय के बारे में भी कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। जिसके बाद वाल्मीकि समुदाय के लोगों के द्वारा इन पर केस दायर कर दिया गया था। फिर उसके बाद इन्होंने अपनी गलती की माफी मांगी थी।

कवि सम्मेलन के बादशाह से रामायण के गीतकार तक

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे