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रॉबर्ट डाउनी जूनियर! नशा, जेल, मोहब्बत और आयरन मैन, हार कर जीतने वाले फ़नकार की दास्तान!

जेल की सलाख़ों से Iron Man और ऑस्कर तक, रॉबर्ट डाउनी जूनियर की गिरावट, मोहब्बत और वापसी की सच्ची दास्तान। पढ़िए उनकी पूरी जीवनी हिंदी में।

रॉबर्ट डाउनी जूनियर की जीवनी, जेल से ऑस्कर तक की दास्तान

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

रिहैब, वहाँ से भागना, फिर पकड़ा जाना, प्रोबेशन, छूटे हुए ड्रग टेस्ट… और आख़िरकार 1999 की वो अदालत, जहाँ से यह दास्तान शुरू हुई थी। तीन साल की सज़ा सुनाई गई और रॉबर्ट को कैलिफ़ोर्निया के Corcoran शहर की Substance Abuse Treatment Facility and State Prison भेज दिया गया।

क़रीब एक साल बाद, 2000 में, अदालत ने पहले काटी गई सज़ा को जोड़कर उन्हें रिहा कर दिया। और रिहाई के चंद दिनों बाद ही क़िस्मत ने फिर दरवाज़ा खटखटाया: मशहूर टीवी शो Ally McBeal। इस किरदार के लिए उन्हें Golden Globe मिला। लगा कि अब सब ठीक हो जाएगा… मगर नशा इतनी आसानी से पीछा कहाँ छोड़ता है। 2000 के आख़िर में और फिर अप्रैल 2001 में दो और गिरफ़्तारियाँ हुईं, और Ally McBeal से उन्हें निकाल दिया गया।

1996 से 2001 तक, Downey Jr. की ज़िन्दगी में सिर्फ़ मीडिया ट्रायल, ड्रग्स, जेल और रिहैब के नाम थे। स्टूडियोज़ ने उनके साथ कॉन्ट्रैक्ट्स तोड़ दिए। बीमा कंपनियाँ उनकी फ़िल्मों का बीमा करने से कतराने लगीं, और बिना बीमा के कोई स्टूडियो किसी एक्टर को फ़िल्म में नहीं ले सकता। यहाँ तक कि उनके को-स्टार्स भी उनके साथ काम करने से कतराने लगे। फिर भी…

“ज़िन्दगी अगर हर मोड़ पर इम्तिहान लेती है,
तो कहीं न कहीं इनाम भी उसी मोड़ पर रख देती है।”

एक दोस्त, जिसने छत दी | Mel Gibson का एहसान

जब पूरा हॉलीवुड मुँह फेर चुका था, तब एक दोस्त ने वो किया जो कोई स्टूडियो करने को तैयार न था।

2002 का दौर था। रॉबर्ट के पास न घर था, न काम, न कोई भरोसा करने वाला। तब उनके पुराने दोस्त और उस वक़्त हॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में से एक, Mel Gibson आगे आए। दोनों की दोस्ती 1990 की फ़िल्म Air America के सेट पर हुई थी।

Gibson ने रॉबर्ट को अपनी फ़िल्म The Singing Detective (2003) में लीड रोल दिया, वो रोल जो असल में उन्होंने अपने लिए तैयार करवाया था। और जिस इंश्योरेंस बॉन्ड की वजह से कोई रॉबर्ट को हाथ लगाने को तैयार न था, उसकी रक़म Gibson ने अपनी जेब से भरी।

सालों बाद, 2011 में जब रॉबर्ट को American Cinematheque Award मिला, तो उन्होंने यह अवॉर्ड ख़ास तौर पर Gibson के हाथों लिया। स्टेज पर उन्होंने बताया कि जब वो नशा नहीं छोड़ पा रहे थे, तब Gibson ने उनसे उम्मीद न छोड़ने को कहा, और जब कोई उन्हें काम नहीं दे रहा था, तब Gibson ने उनके सिर पर छत रखी और मेज़ पर खाना।

“दोस्त वो नहीं जो रौशनी में साथ चले, दोस्त वो है जो अंधेरे में चिराग़ बनकर खड़ा हो जाए।”

प्यार की वो शर्त जो ज़िन्दगी बदल गई

2003 में फ़िल्म Gothika के सेट पर Robert की मुलाक़ात हुई Susan Levin से, जो उस वक़्त फ़िल्म की प्रोड्यूसर थीं। इस फ़िल्म में भी बीमा का साया था: प्रोड्यूसर्स ने उनकी फ़ीस का 40 फ़ीसदी हिस्सा फ़िल्म पूरी होने तक ज़मानत के तौर पर रोक कर रखा था।

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे