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रॉबर्ट डाउनी जूनियर! नशा, जेल, मोहब्बत और आयरन मैन, हार कर जीतने वाले फ़नकार की दास्तान!

जेल की सलाख़ों से Iron Man और ऑस्कर तक, रॉबर्ट डाउनी जूनियर की गिरावट, मोहब्बत और वापसी की सच्ची दास्तान। पढ़िए उनकी पूरी जीवनी हिंदी में।

रॉबर्ट डाउनी जूनियर की जीवनी, जेल से ऑस्कर तक की दास्तान

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

Robert Downey Jr. का जन्म 4 अप्रैल 1965 को न्यूयॉर्क सिटी के मैनहैटन में हुआ। उनके वालिद, Robert Downey Sr., एक ख़ुदमुख़्तार (independent) फ़िल्मसाज़ थे और उनकी वालिदा Elsie Ford एक अदाकारा थीं। फ़न उनकी रगों में दौड़ता था, लेकिन घर का माहौल मुतज़ाद (contradictory) था, वहाँ मोहब्बत थी तो बे-नज़्मी (disorder) भी।

कैमरे से उनकी पहली मुलाक़ात तब हुई, जब वो सिर्फ़ पाँच साल के थे। 1970 में वालिद की फ़िल्म Pound में नन्हे रॉबर्ट को एक छोटा-सा रोल मिला। सोचिए ज़रा, जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, उस उम्र में यह बच्चा फ़िल्म के सेट पर था।

मगर उसी घर में एक और चीज़ भी थी, जिसने आगे चलकर उनकी ज़िन्दगी को बरसों तक जकड़े रखा। बहुत कम उम्र में, बताया जाता है कि महज़ छह साल की उम्र में, Robert को ड्रग्स से वाबस्ता किया गया, और हैरत की बात यह कि उन्हें पहली बार नशे से रू-ब-रू करवाने वाले उनके अपने वालिद थे। रॉबर्ट ने ख़ुद बरसों बाद इंटरव्यूज़ में इस सच को क़बूल किया।

1978 में माँ-बाप अलग हो गए। रॉबर्ट वालिद के साथ कैलिफ़ोर्निया चले गए, और 1982 में स्कूल की पढ़ाई बीच में छोड़कर अदाकारी का सपना लिए वापस न्यूयॉर्क लौट आए। 1985 में वो मशहूर कॉमेडी शो Saturday Night Live का हिस्सा बने। सफ़र शुरू हो चुका था।

“बचपन वो आईना है जिसमें पूरी ज़िन्दगी का अक्स दिखता है।”

रौशनियों से अंधेरों तक

एक ऐसा हुनरमंद, जिसके क़दमों में ऑस्कर का नामांकन था और हाथों में हथकड़ियाँ।

80 के दशक में उन्होंने Weird Science (1985) और Less Than Zero (1987) जैसी फ़िल्मों में अपनी अदाकारी के जौहर दिखाए। Less Than Zero में उन्होंने नशे में डूबे एक अमीरज़ादे का किरदार निभाया, और क़िस्मत की सितमज़रीफ़ी देखिए, परदे का वह किरदार धीरे-धीरे उनकी असल ज़िन्दगी बनता चला गया।

लेकिन असली मक़बूलियत मिली 1992 में, Chaplin फ़िल्म से, जहाँ उन्होंने चार्ली चैप्लिन का किरदार निभाकर दुनियाभर में दाद पाई। इस किरदार के लिए उन्होंने BAFTA अवॉर्ड जीता और 27 साल की उम्र में पहली बार ऑस्कर के लिए नामांकित हुए। हॉलीवुड को लगा कि उसे अगला महान अदाकार मिल गया है।

मगर ज़िन्दगी का ताना-बाना उलझता चला गया: ड्रग्स, शराब, गिरफ़्तारियाँ, जेलें और बदनामी। 1996 में पुलिस ने तेज़ रफ़्तार गाड़ी रोकी, तो उसमें कोकीन, हेरोइन और एक बिना गोलियों की पिस्तौल मिली। कुछ ही हफ़्तों बाद एक और अजीब वाक़िया हुआ। नशे में धुत रॉबर्ट पड़ोसी के घर में घुस गए और वहीं एक बिस्तर पर सोए मिले। अख़बारों ने इसे मज़ाक़ बना दिया, पर असल में यह एक तबाह होती ज़िन्दगी की चीख़ थी।

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे