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तेरी उल्फ़त में

तेरी उल्फत में | इज़हार-ए-मोहब्बत | क़िस्त 05

सिमरन बोली “तो मतलब आप मुझे पसंद नहीं करते, बस लोगों ने कहा और आपने लेटर लिख दिया।” “नहीं – नहीं, ऐसी बात नहीं है, मैं आपको पसंद करता हूं। वह बस….. ओह मैं यह क्या बक रहा हूं। देखिए आई एम सॉरी। प्लीज इसको इग्नोर करिए।” सिमरन बोली “क्या कहा आपने, मैं इग्नोर कर […]

Izhaar E Mohabbat

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

सिमरन बोली “तो मतलब आप मुझे पसंद नहीं करते, बस लोगों ने कहा और आपने लेटर लिख दिया।”

“नहीं – नहीं, ऐसी बात नहीं है, मैं आपको पसंद करता हूं। वह बस….. ओह मैं यह क्या बक रहा हूं। देखिए आई एम सॉरी। प्लीज इसको इग्नोर करिए।”

सिमरन बोली “क्या कहा आपने, मैं इग्नोर कर दूं। क्या इग्नोर कर दूं, यह लेटर या आप मुझे पसंद नहीं करते।”

राज बोला “जस्ट… जस्ट फॉरगेट एवरीथिंग। सोचिए यह कभी नहीं हुआ। मैं भी उन सबकी बातों में आ गया और सब गड़बड़ कर डाली।”

सिमरन ने मुस्कुराते हुए कहा, “ओह ऐसी बात है, मतलब मिस्टर राज आप मुझे पसंद नहीं करते और न ही मुझे प्यार करते हैं?”

राज बोला “नहीं सिमरन ऐसा नहीं है मैं आपको प्यार करता हूं…। ओह शिट फिर मैं गड़बड़ बोल गया। देखिए प्लीज मुझसे गलती हो गई। मुझे माफ़ कर दीजिए। मैं…..मैं जाता हूं।”

राज पलट कर दरवाजे की तरफ मुड़ा, इसपर सिमरन बोली “अगर प्यार करते हो तो माने क्यों नहीं?”

राज रुक गया और पलटा। सिमरन खड़ी हुई मुस्कुरा रही थी।

"दिल की धड़कन, सांसों का सरमाया हो तुम,
हर ख्वाब, हर चाहत का साया हो तुम।
जिंदगी में बहार बन के आई हो,
राज की मोहब्बत का जवाब हो तुम।"

राज फिर बोला “मैं…. मैं……। ”

“यह मैं – मैं करना बंद करो और सच – सच बता दो, क्या तुम मुझे पसंद नहीं करते। क्या मैं इतनी बुरी हूं?” सिमरन राज के करीब आकर बोली।

अब राज को थोड़ी सी हिम्मत आई। और बोला “मैं सच में तुमको पसंद करता हूं, और प्यार करता हूं।”

सिमरन ने मुस्कुराते हुए कहा “जरा सही से प्रपोज करो। फीलिंग नहीं आ रही।”

राज तब उसके पास आ के बोला “मुझे लगा कि मेरे नसीब में कभी खुदा ने बहारे नहीं बख्शी, दिल में हर तरफ पतझड़ ही तो था, फिर आपके आने से ऐसा लगता है कि तुम आए हो जिंदगी में मेरी बहार बन के… .. सिमरन क्या आप मेरी जिंदगी में उस बहार की तरह रहेंगी, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं।”

सिमरन ने मुस्कुरा के सिर्फ़ रजामंदी में आंखे झुका ली।

फ़िर सवालिया अंदाज़ से पूछा “जब इतनी मोहब्बत है तो, इतनी देर क्यों लगा दी इज़हार करने में?” राज बोला “मैं असल में सही वक्त का इंतजार कर रहा था।”

सिमरन हंसती हुई बोली “तुम्हारे सही वक्त के चक्कर में कोई और मुझे ले जाता, तब क्या करते!” राज मुस्कुरा कर बोला “फिर मैं किसी और को लेटर लिखता।”

सिमरन बोली “अगर लिखते तो बहुत जूते मिलते। लेटर में बहुत स्पेलिंग मिस्टेक हैं, और ऐसा लग रहा है कि लव लेटर ना हो के, तुम जॉब के लिए एप्लीकेशन दे रहे हो।” यह कह कर वह खिलखिला कर हंसने लगी। राज बोला “असल में पहली बार लिखा है ना, प्रैक्टिस नहीं है। अगली बार ठीक से लिखूंगा।”

सिमरन ने उसे घूरते हुए कहा “हाथ तोड़ दूंगी अगर किसी और को लिखा।” राज हंसने लगा। फिर बोला “क्या मैं यह मान लूं कि आप भी मुझे पसंद करती हैं?”

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे