माधुबाला: जिसकी एक झलक पर आज भी हज़ारों दिल धड़क उठते हैं
बॉलीवुड की सबसे ख़ूबसूरत मगर सबसे तनहा अभिनेत्री, जिसका दिल पर्दे पर धड़कता रहा और हक़ीक़त में टूटता रहा। जानिए माधुबाला की पूरी दास्तान।

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माधुबाला की मौत कैसे हुई?
माधुबाला का 23 फ़रवरी 1969 को 36 साल की उम्र में निधन हुआ, वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफ़ेक्ट (दिल में छेद) की वजह से, जिसका पता 1954 में ही चल गया था।
माधुबाला के आख़िरी शब्द क्या थे?
उनके आख़िरी लम्हों को लेकर कोई प्रामाणिक तौर पर दर्ज किया गया बयान उपलब्ध नहीं है। जो जानकारी है, वो सिर्फ़ यही बताती है कि 22 फ़रवरी 1969 की रात तबीयत बिगड़ी, और अगली सुबह उनका निधन हो गया।
माधुबाला की कोई औलाद क्यों नहीं थी?
माधुबाला की कोई संतान नहीं थी। इसे आम तौर पर उनकी दिल की गंभीर बीमारी और शादी के फ़ौरन बाद से ही ख़राब होती तबीयत से जोड़कर देखा जाता है।
दिलीप कुमार ने माधुबाला से शादी क्यों नहीं की?
1956-57 में “नया दौर” फ़िल्म के दौरान एक अदालती मुक़दमे में दिलीप कुमार ने निर्माता बी.आर. चोपड़ा के पक्ष में, माधुबाला और उनके पिता के ख़िलाफ़ गवाही दी। इसी वजह से दोनों का नौ साल पुराना रिश्ता टूट गया।
किशोर कुमार ने माधुबाला को क्यों छोड़ दिया था?
पूरी तरह “छोड़ना” कहना ठीक नहीं होगा, मगर शादी के बाद किशोर कुमार और माधुबाला ज़्यादातर अलग-अलग रहने लगे थे। माधुबाला की बहन के मुताबिक़, किशोर कुमार का बड़ा संयुक्त परिवार और माधुबाला की बिगड़ती तबीयत, दोनों वजहों से दूरी बढ़ती गई।
माधुबाला की कितनी शादियाँ हुई थीं?
सिर्फ़ एक, किशोर कुमार के साथ, 1960 में। इससे पहले प्रेमनाथ और दिलीप कुमार के साथ उनके गहरे रिश्ते ज़रूर रहे, मगर शादी तक बात सिर्फ़ किशोर कुमार के साथ ही पहुँची।
माधुबाला को कभी कोई फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड मिला?
नहीं। 22 साल के करियर में माधुबाला को सिर्फ़ एक बार, 1961 में “मुग़ल-ए-आज़म” के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का नामांकन मिला, जो वो हार गईं। उन्होंने कभी कोई फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड नहीं जीता।