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तेरी उल्फ़त में

तेरी उल्फत में | मोहब्बत, गलतफहमियां, और रिश्तों की उलझनें | क़िस्त 09

जज़्बातों की दुनिया में कुछ खोया, कुछ पाया,हर दर्द ने हमें नई राह दिखाया।मोहब्बत के इम्तिहान में जब दिल ने हार मानी,तब समझ आया कि ज़िंदगी ने कुछ और कहानी लिखी है। इश्क़ की अनकही कहानीयाँ न्यूटन अकेला था आज। सब किसी ना किसी काम में बिजी थे। राज और सिमरन की डेट थी। हिना […]

अरसलान और कशिश पुलिस स्टेशन की घटना के बाद | तेरी उल्फत में क़िस्त 09

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

जज़्बातों की दुनिया में कुछ खोया, कुछ पाया,
हर दर्द ने हमें नई राह दिखाया।
मोहब्बत के इम्तिहान में जब दिल ने हार मानी,
तब समझ आया कि ज़िंदगी ने कुछ और कहानी लिखी है।

इश्क़ की अनकही कहानीयाँ

न्यूटन अकेला था आज। सब किसी ना किसी काम में बिजी थे। राज और सिमरन की डेट थी। हिना एक शादी में गई थी सना के साथ। और रोहित को उसके पैरेंट्स ने घर बुला लिया था किसी खास वजह से। रोहित ने जाते हुए कहा था कि वह भी चले पर न्यूटन को सही नहीं लगा, तो उसने बहाना बना दिया। वह आज अकेला महसूस कर रहा था तो उसने सोचा क्यों ना घूम ही लिया जाए।

घूमते हुवे वह मॉल पहुंच गया। सोचा डिनर ही कर लेता हूं। यह सोच वह फूड कोर्ट पहुंचा। और एक टेबल पे बैठ गया अपना ऑर्डर दे के। कुछ देर बाद एक प्यारा सा लड़का उसके पास आया और बोला “हैलो भाई, कैसे हो आप।”

न्यूटन ने मुस्कुरा के जवाब दिया “आई एम गुड, आप कैसे हैं।”

“जी बहुत अच्छा। क्या मैं यहां बैठ सकता हूं। आपके पास।” लड़के ने मुस्कुराते हुए पूछा।

“हां क्यों नहीं।” न्यूटन ने जवाब दिया।

“थैंक्स भाई। और यह लीजिए यह आपके लिए। आपकी पसंदीदा ब्लैक फॉरेस्ट पेस्ट्री। मुझे भी पसंद है। दो हैं एक आपकी और एक मेरी।” लड़के ने मुस्कुराते हुए कहा।

“ओह, पर आपको कैसे पता कि मुझे यह पसंद है।” न्यूटन ने हैरानी से पूछा।

“इसके लिए आपको यह खानी पड़ेगी पूरी। परेशान ना होइए, कोई गड़बड़ नहीं है, “लड़के ने खाते हुए कहा।

“बेटा, आपकी मम्मी या डैडी ने यह आपको दिलाई होगी। आप खा लो।” न्यूटन कुछ उलझन में आ गया।

“मुझे यह मम्मी पापा ने नहीं दिलाई।” लड़के ने पेस्ट्री खत्म करते हुए कहा।

“फिर किसने दिलाई?” न्यूटन ने पूछा।

“मेरे घर के पास एक दीदी रहती हैं उन्होंने। मैं उनके साथ ही आया था। अब मैं जा रहा हूं।” लड़के ने जाते हुए कहा तो न्यूटन ने पूछा, “अच्छा बेटा आपकी दीदी कहां है, मैं उनको थैंक्स तो कर दूं। क्या नाम है उनका?”

“नाम बताने के लिए मना किया है, और थैंक्स आप उनको फोन पे कर देना, वह आपको कॉल करेंगी अगर आप पेस्ट्री खा लोगे। चलो बाय।”

यह कहकर बच्चा एक तरफ भाग गया। न्यूटन उसे रोकता इससे पहले वेटर उसका ऑर्डर ले आया। इतनी सी देर में लड़का गायब हो गया।

न्यूटन को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। वह उलझन में बैठा और सोचने लगा कि आखिर हो क्या रहा है। फिर उसने सोचा कि खाना तो खा ही लेना चाहिए। देर भी हो रही थी। फिर वह अपना सर झटक के खाने में मशगूल हो गया। खाना खत्म करके उसने पेस्ट्री को देखा। दिल नहीं मान रहा था तो उसने सोचा, अब इस बेचारी पेस्ट्री का क्या कसूर है। वेस्ट होने से अच्छा है कि खा ही डालूं। न्यूटन ने पेस्ट्री खत्म करी और फूड कोर्ट से बाहर आ गया।

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे