तेरी उल्फत में | मोहब्बत, गलतफहमियां, और रिश्तों की उलझनें | क़िस्त 09
जब रिश्तों में नाराज़गी का मौसम आया,दिल ने हर दर्द को बड़ी खूबसूरती से सहलाया।दिल की ज़ुबान पर मोहब्बत का नाम रहा,हर गुमशुदा ख्वाब ने खुशियों का जाम बहाया। इश्क़ के रास्ते और संगदिल फैसले थोड़ी देर बाद वह हॉस्टल पहुंचा। फिर फ्रेश होकर वह सोने के लिए जैसे ही बेड पे लेटा उसका फोन […]

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
जब रिश्तों में नाराज़गी का मौसम आया,
दिल ने हर दर्द को बड़ी खूबसूरती से सहलाया।
दिल की ज़ुबान पर मोहब्बत का नाम रहा,
हर गुमशुदा ख्वाब ने खुशियों का जाम बहाया।
इश्क़ के रास्ते और संगदिल फैसले
थोड़ी देर बाद वह हॉस्टल पहुंचा। फिर फ्रेश होकर वह सोने के लिए जैसे ही बेड पे लेटा उसका फोन बजा। अननोन नंबर था। उसने फोन आंसर किया।
“हैलो साहिल, कैसे हैं” दूसरी तरह से आवाज आई। न्यूटन पहचान गया।
“ओह आप हैं। बताइए क्यों कॉल किया इतनी रात में।” साहिल ने जवाब दिया।
“अब आपने मुझे चुड़ैल कहा है तो रात में जागना तो जरूरी है।” दूसरी तरफ से आवाज आई।
“अच्छा तो आप आज किसका शिकार करने निकलीं हैं।” न्यूटन ने कहा।
“है एक संगदिल इंसान, जो मेरी मोहब्बत को समझ नहीं रहा।” दूसरी तरफ से जवाब आया।
“देखिए मुझे लगता है कि आपको मेरा पिछला रवईया पसंद नहीं आया होगा। मैं कुछ ज़्यादा ही बदतमीजी से पेश आया था। उसके लिए माफ़ी चाहता हूँ। पर प्लीज मुझे सच में प्यार मोहब्बत में कोई दिलचस्पी नहीं है। आप बेकार वक्त खराब कर रही हैं।” न्यूटन ने समझाते हुए कहा।
बड़े रूखे इंसान हैं आप साहिल।” दूसरी तरफ से आवाज आई।
“जी तभी मैं आपसे कह रहा हूं कि आपने गलत शख्स से दिल लगाया है। मैं बदले में आपको प्यार नहीं दे सकता।” न्यूटन ने जवाब दिया।
“वैसे मैंने आपसे यह पूछने के लिए कॉल किया था कि ब्लैक फॉरेस्ट कैसी थी।” दूसरी तरफ से हंसने की आवाज आई।
“ओह तो वह आपकी करामात थी। मुझे पहले ही समझ लेना चाहिए था। वैसे उसके लिए शुक्रिया” साहिल ने कहा।
“ओह ज़रे नसीब हमारे कि आपको हमारा कुछ तो अच्छा लगा।” दूसरी तरफ से जवाब मिला।
“आपको वैसे क्या चाहिए मुझसे। क्यों कर रही है आप ये सब?” न्यूटन ने संजीदगी से पूछा।
“बार-बार एक ही बात पूछते हैं आप। क्यों नहीं मानते कि मुझे आपसे सच में मोहब्बत है। क्या करूं कि आपको यकीन हो जाए कि मैं आपसे सच में मोहब्बत करती हूं।” दूसरी तरह से इस लड़की ने कुछ बुझे-बुझे अंदाज में पूछा।
“देखिए मुझे आपके जज्बे पे कोई शक नहीं है। मैं इन सब बातों से अपने आपको दूर रखना चाहता हूं बस।” न्यूटन ने जवाब दिया।
“क्यों आप इतने खिलाफ हैं मेरी मोहब्बत के, साहिल।” उस लड़की ने पूछा।
“देखिए आप समझ नहीं रही, मैं मोहब्बत में धोखा खा चुका हूं। टूट गया था। मरना चाहता था। बड़ी मुश्किल से अपने आपको संभाला है मैंने।” न्यूटन अपनी बात समझाई।
“आप किसी एक लड़की के मना करने पर यह मान बैठे हैं कि अब आप किसी से मोहब्बत नहीं करेंगे। और अगर कोई आपसे करेगा तो उसकी मोहब्बत भी आपको क़ुबूल नहीं होगी। क्यों आप एक झूठी मोहब्बत के पीछे भागते रहे, जो आपके लायक नहीं थी। उस एक धोखे की वजह से आप अपनी तरफ बढ़ने वाली हर खुशी का कत्ल कर रहे हैं । शायद मुझसे पहले कोई और लड़की भी हो, जिसने आपकी तरफ उम्मीद से हाथ बढ़ाया हो। पर आपने उसकी मोहब्बत का कत्ल कर दिया होगा।”
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे