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तेरी उल्फ़त में

तेरी उल्फत में | वह पहली मोहबत की झलक और कामयाबी की पहल!। क़िस्त 03

रूबी की तन्हाई और ख़ामोश दर्द, सिमरन की चंचलता और राज का नया सफ़र। पढ़िए तेरी उल्फ़त में की तीसरी क़िस्त, पहली मोहब्बत की झलक और कामयाबी की पहल।

तेरी उल्फत में  वह पहली मोहबत की झलक और कामयाबी की पहल! क़िस्त 03

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

फिर मोहित उन सबसे बारी-बारी सवाल करता गया। उनके जवाब से वह काफ़ी मुतमयीन हुआ।

“आप सब काफ़ी सुलझे हुए हैं और सीखने के लिए तैयार भी हैं, आप सबसे मिलकर अच्छा लगा, अब आप सब कुछ देर बाहर इंतजार करिए।” मोहित ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। वो सब बाहर आ कर वेटिंग रूम में बैठ गए, राज अभी भी सिमरन को निहार रहा था।

अरसलान बोला “यार कुछ हो न हो, लेकिन राज ने अपने लिए लड़की ज़रूर पसंद कर ली है।” सब राज की तरफ देखने लगे। राज सकपका गया और बोला “नहीं यार ऐसा कुछ नहीं है।” इसपर सना गुनगुनाने लगी “छुपाना भी नहीं आता, जताना भी नहीं आता।” सब हसने लगे, और राज चुप हो गया।

तभी सिमरन उनके पास आई, और सबको एक एक एनवेलप देते हुए कहा, “आप सबको पहली जॉब मुबारक हो, आप सबका सेलेक्शन हो गया है।”

सब खुशी से अपने अपने एनवेलप खोल कर देखने लगे। इतने में न्यूटन खुशी से बोला “क्या सच में हम लोग सेलेक्ट हुए हैं?”

सिमरन मस्कुराते हुए बोली “जी बिल्कुल, मुझे यही बताया गया है, आप सबको दो दिन बाद ज्वॉइन करना है, यहां आप ठीक 2 बजे मुझसे मिलेंगे। मैं आप सबको सारा काम समझा दूंगी। जाने से पहले आप सब सीईओ सर से मिलते हुए जाइए। वह थर्ड फ्लोर पर बैठे हैं। अच्छा अब मैं चलती हूं, जल्द ही मिलते हैं।” फिर वह वहां से चली गई, राज फिर उसे देखता रहा।

अरसलान बोला “चलो भी यार अब क्या देख रहे हो, आज के लिए इतना काफी था। आज ही देखना नहीं है, अब तो जॉब लग गई है तुम्हारी यहां, अब तो रोज़ – रोज़ मिलना ही होगा, अब चलकर सीईओ से भी मिल लेते हैं।” सब हंसते हुए फिर लिफ्ट की तरफ चल दिए।

थर्ड फ्लोर पर वो सब सीईओ के रूम के बाहर पहंचे और ऑफिस बॉय को इंफॉर्म किया कि हम सब सीईओ सर से मिलने आए हैं। ऑफिस बॉय बोला आप सब बाहर वेट करिए मैं सर से पूछकर आता हूं। ऑफिस बॉय अंदर गया और फिर बाहर आकर बोला “आप सब अंदर जाइए, सर ने आप लोगों को बुलाया है।”

जब वो सब अंदर सीईओ के केबिन में पहुंचे तो वहां सामने कशिश के पिता शमशेर खान बैठे हुए थे। सब उनको वहां देखकर बिल्कुल चौंक गए। वह मुस्कुराते हुए बोले, “पहली नौकरी मुबारक हो आप सबको। मोहित साहब आप सबसे काफी खुश हैं, मुझे भी बहुत खुशी है इस बात की कि आप जैसे टैलेंटेड और मेहनती नौजवान हमारे ऑफिस का हिस्सा बन गए हैं। आओ बैठो यहां आप सब।”

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे