तेरी उल्फत में | वह पहली मोहबत की झलक और कामयाबी की पहल!। क़िस्त 03
रूबी की तन्हाई और ख़ामोश दर्द, सिमरन की चंचलता और राज का नया सफ़र। पढ़िए तेरी उल्फ़त में की तीसरी क़िस्त, पहली मोहब्बत की झलक और कामयाबी की पहल।

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
फिर थोड़ी देर में दोनों मंदिर में खड़े थे। दोनों ने पूजा सामग्री ली और मंदिर में चले गए। दोनों हाथ जोड़े खड़े थे कि तभी राज की नजर सिमरन पर पड़ी, सर पर दुपट्टा ओढ़े वह उसे उस वक्त और ज़्यादा अच्छी लग रही थी। तभी सिमरन ने अपनी आंखें खोली और उसे अपनी तरफ देखते हुए पकड़ लिया। उसने इशारे से पूछा कि क्या हुआ, तो राज ने नहीं में सर हिला दिया। फिर थोड़ी देर में वो दोनों मंदिर से बाहर आ गए। बाहर निकलकर वो कार में बैठ गए, थोड़ा आगे चले तो रास्ते में जाम लगा था। अब कार काफ़ी धीरे-धीरे चल रही थी।
सिमरन बोली “मेरी वजह से तुमको यहां जाम फेस करना पड़ रहा है।” राज बोला “नहीं ऐसा कुछ नहीं है, जाम तो सभी जगह लग जाता है।”
सिमरन बोली “राज एक बात बोलो, तुम मुझसे इतना घबरा घबरा कर बात क्यों करते हो? क्या तुम्हारा नेचर ही ऐसा है या सिर्फ तुम मुझसे ही ऐसे बात करते हो। मैं जब तुमसे बात करती हूं तुम घबरा जाते हो और छोटा सा जवाब देकर चुप हो जाते हो।” राज बोला फिर हकलाने लगा “नहीं ऐसा कुछ नहीं है। मैं कब घबराता हूं।”
सिमरन मुस्कुराते हुई बोली “तुम अभी फिर हकला रहे हो। मैं इतनी बुरी और खतरनाक तो नहीं हूं, ना मैं तुमसे कोई खूसट बॉस की तरह बात करती हूं। बाकि तुम्हारे सारे दोस्त तो नॉर्मल बिहेव कर रहे हैं, तुम ही बस………”
राज बोला “नहीं असल में मुझे अभी आपके बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है, तो थोड़ा इश्यू है।” सिमरन बोली “अगर मुझसे बात नहीं करोगे तो मेरे बारे में जानोगे कैसे?” सिमरन फिर मुस्कुरा दी।
राज, क्या तुम्हें पता है मुझे मार्शल आर्ट्स भी आता है?
फिर वह बोली “चलो मैं तुमको अपने बारे में बताती हूं, मैं सिमरन सिंह हूं। मैं दिल्ली की हूं। आई एम ए फ्रेश ग्रेजुएट, एमबीए कॉरेस्पोंडेंस से शुरू हो गया है। मैं सीडब्ल्यूएस में मैनेजमेंट ट्रेनी हूं, लेकिन न्यू कमर्स को ट्रेन भी करती हूं। मुझे नींद अच्छी लगती है। चोकोबार आइसक्रीम मुझे पसंद है, शाहरुख खान मेरा फेवरेट एक्टर है, क्रिकेट खेलना और देखना पसंद है। और एक जरूरी बात, मुझे मार्शल आर्ट्स भी आता है, सो बी केयरफुल।”
राज को हंसी आ गई, खिलखिला के हंसने लगा। सिमरन भी हंसती हुई बोली “देखा और तुम पता नहीं क्यों घबरा रहे थे। वैसे इसमें हंसने की कौन सी बात है यार?”
राज बोला “मार्शल आर्ट वाली” फिर वह और हंसने लगा। सिमरन बोली “झूठ नहीं बोल रही, कइयों का तो सर भी तोड़ा है मैंने, अगर कहो तो तुम्हारा भी तोड़कर डेमो दिखाती हूं।” सिमरन ने पंच बनाकर मुस्कुराते हुए राज को पोज दिया, तो वह बोला “नहीं यार, मुझे पक्का यकीन है।” वो लोग आगे बढ़ने लगे। तभी राज एक आइसक्रीम की दुकान देखकर कार रोकने लगा।
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे