साया और मोहब्बत : एक अनसुलझी पहेली
रमेश, रागिनी और एक रहस्यमयी हवेली की कहानी, जहाँ मोहब्बत, साया और डर एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं। पढ़िए एक अनसुलझी रहस्यमयी दास्तान।

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
रमेश अचानक से अपने होश में आता है और फिर दोनों अपनी जान बचाकर वहां से भागने लगते हैं। रमेश और बिरजू जैसे तैसे वहां से भागकर फिर उसी मजार पर पहुंच जाते हैं, जहां वो दोनों पहले पहुंचे थे। मजार पर उन्हें एक बाबा मिलते हैं। रमेश और बिरजू बाबा से रागिनी के बारे में सब कुछ बताते हैं। बाबा उन दोनों को दिलासा देते हुए कहते हैं – “घबराओ मत बेटा, मैं अभी तुम दोनों को तुम्हारे घर भेजने का इंतजाम करता हूं। तुम दोनों सही सलामत अपने घर पहुंच जाओगे। मुझे पता है कि इन भटकती आत्माओं से कैसे जान बचानी है”।
इतना कहकर बाबा अपने संदूक से तावीज और पाक पानी निकालते हैं। एक तावीज बिरजू के गले में और दूसरी तावीज रमेश के गले में डालते हैं। उसके बाद पाक पानी भी उन दोनों पर छिड़क देते हैं और कहते हैं – “जाओ बेटा अब तुम दोनों को कोई भी आत्मा या चुड़ैल परेशान नहीं कर सकती”। फिर बिरजू और रमेश अपने घर वापस आ जाते हैं। घर पहुंचकर दोनों चैन की सांसें लेते हैं।
लेकिन वो रागिनी अभी भी रमेश के दिमाग से नहीं उतरी थी। वो हर तरह से रमेश के दिमाग को अपनी तरफ खींचती है। रमेश उसे एक बुरा ख्वाब समझकर भूलने की कोशिश करता है, लेकिन भूल नहीं पाता।
साया और मोहब्बत : रागिनी.. वह लौट आयी!
एक दिन रमेश की बेटी पिंकी की अचानक से तबियत खराब हो जाती है। रमेश उसे डॉक्टर को दिखाता है, लेकिन वो ठीक नहीं हो पाती। उसकी हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जाती है। उसे जोरों के झटके लगते हैं, और वो अजीब अजीब सी शक्लें बनाकर कभी हंसती तो कभी रोती है। पिंकी की मां रश्मि जब जोर से पिंकी पर चिल्लाती, तब वो अपने होश में आती। इस तरह कई हफ्ते गुजर जाते हैं, लेकिन पिंकी की हालत में सुधार नहीं होता।
एक दिन रमेश के घर में कंस्ट्रक्शन का काम लगा रहता है और ज़मीन में बालू पड़ा रहता है। पिंकी को उस बालू के अंदर से कोई लड़की सफेद साड़ी में निकलती हुई दिखाई देती है। पिंकी जोर से चिल्लाती है – “वो देखो अम्मा वो निकलकर आ रही है मेरे पास, बचा लो मुझे, बचा लो। इतना कहकर पिंकी जोर जोर से रोने लगती है और फिर झटका मारकर हंसने लगती है – “ही ही ही, ही ही ही”।
पिंकी जैसे ही हंसती है तो उसका चेहरा बदलने लगता है और उसके चेहरे में फिर रमेश को रागिनी की शक्ल दिखाई देती है। रमेश पिंकी के अंदर रागिनी की छवि देखकर बौखला जाता है। इधर रश्मि भी पिंकी की हालत देखकर बुरी तरह से डर जाती है और कांपने लगती है। अब तो सबको लगने लगा था कि पिंकी पर किसी साय का असर है। इसलिए वो लोग अपने घर पर एक तांत्रिक बाबा को बुलाते हैं। बाबा पिंकी को देखकर बताते हैं कि उसके ऊपर किसी आत्मा का साया है।
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे