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साया और मोहब्बत : एक अनसुलझी पहेली

रमेश, रागिनी और एक रहस्यमयी हवेली की कहानी, जहाँ मोहब्बत, साया और डर एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं। पढ़िए एक अनसुलझी रहस्यमयी दास्तान।

पुरानी हवेली के सामने रमेश और रहस्यमयी रागिनी की डरावनी कहानी

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

फिर बाबा काफी देर तक पिंकी पर मंत्रों का जाप करते हैं। मंत्र पढ़ते पढ़ते बाबा की हालत बहुत ही खराब होती जाती है, जैसे वो चुड़ैल का साया उनपर हावी होने की कोशिश कर रहा हो। लेकिन फिर भी बाबा पिंकी को पकड़कर मंत्र का जाप करते जाते हैं।

आखिर में जब मंत्र पूरे हो जाते हैं, तो चारो तरफ खामोशी छा जाती है। बाबा रमेश से कहते हैं – “अब सब कुछ ठीक हो गया है बेटा, अब तुम्हें या तुम्हारे घर वालों को डरने की कोई जरूरत नहीं। तुम्हारी बेटी के ऊपर से साया हट चुका है। अब इसकी तबीयत बिल्कुल ठीक है”। सब कुछ सही हो जाने के बाद बाबा चले जाते हैं। रमेश बहुत खुश रहता है कि उसकी बेटी अब ठीक हो गई है।

रमेश और उसका परिवार सोचता है कि सब कुछ अब ठीक हो गया है। इसलिए एक दिन वो अपने घर में एक छोटी सी दावत रखते हैं। उस दावत में कुछ खास और करीबी रिश्तेदारों को बुलाते हैं। पूरे घर में जश्न का माहौल बना रहता है, सब बहुत खुश रहते हैं। और फिर दावत खत्म होने के बाद सारे मेहमान अपने घर चले जाते हैं। रात हो जाती है काफी, इसलिए पिंकी भी अपने कमरे में सोने के लिए चली जाती है।

अब अपनी सुकून भरी जिंदगी से रमेश पूरी तरह से Satisfied हो जाता है और खुशी खुशी अपनी पत्नी रश्मि के पास कमरे में जाता है। रश्मि बेड पर पीछे का मुंह करके बैठी रहती है। रमेश अपनी पत्नी से मुस्कुराते हुए कहता है – “आज मैं बहुत खुश हूं रश्मि, हमारे घर को जिसकी भी बुरी नजर लगी थी, वो अब हमारे बीच से चली गई है”।

रश्मि की तरफ से कोई भी जवाब न मिलने पर, रमेश उसे आवाज लगाता है – “रश्मि मैं तुमसे बात कर रहा हूं”। रश्मि फिर भी रमेश की तरफ नहीं देखती। रमेश फिर रश्मि को जोर से आवाज देता है, तब रश्मि सिर्फ अपनी गर्दन रमेश की तरफ घुमाती और उसकी शक्ल में रागिनी रहती है।

रमेश रागिनी को देखकर अपने होश-व-हवास खोने लगता है और रश्मि को इधर उधर ढूंढने लगता है। तभी रमेश के ऊपर खून की कुछ बूंदें टपकती हैं। खून कहां से टपक रहा है ये देखने के लिए जैसे ही रमेश की नजर ऊपर पड़ती है, तो रश्मि की लाश पंखे पर टंगी रहती है और रागिनी जोर जोर से हंसती है – “ही ही ही ही, ही ही ही ही”।