तेरी उल्फत में | वह पहला दिन और ज़िंदगी भर की दोस्ती की शरुवात! | क़िस्त 01
अर्सलान और कशिश की पहली मुलाकात से शुरू होती एक कहानी, जहाँ घमंड, नफरत, दोस्ती और बदलते रिश्तों के बीच एक अनोखा सफर शुरू होता है।

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
मिस्टर शर्मा बोले “यहाँ वहाँ देखने से सवाल और उसका जवाब नही आ जाता है. तुमको तो शायद सवाल ही नही पता होगा. जिस वक़्त मैं सवाल पूच रहा था तब तुम मोबाइल पर बिज़ी थी.”
वो फिर बोले “बड़ी ग़लत बात है, आप मे से कोई भी नही जनता इस सवाल का जवाब.”
तभी पीछे से एक हाथ उठा, और आवाज़ आई “सर क्या मैं कोशिश करूँ ?”
मिस्टर. शर्मा बोले “हाँ ज़रूर। ”
“द सॅचुरेशन ऑफ आ कलर इस डेटर्मिन बाइ द कम्बिनेशन ऑफ लाइट इंटेन्सिटी एंड हाउ मच इट इस डिस्ट्रिब्यूटेड अक्रॉस द स्पेक्ट्रम ऑफ डिफरेंट वेव्लेंत्स. प्यूरेस्ट (मोस्ट सॅचुरेटेड) कलर इस अचीव्ड बाइ यूज़िंग जस्ट वन वेव्लेंत अट ए हाइ इंटेन्सिटी, सच आस इन लेज़र लाइट. इफ़ द इंटेन्सिटी ड्रॉप्स, देन आस ए रिज़ल्ट द सॅचुरेशन ड्रॉप्स. ”
मिस्टर. शर्मा “शाबाश, क्या बात है। बिल्कुल सही जवाब है बर्खुरदार. क्या नाम है आपका.”
“अर्सलान ख़ान” जवाब मैं अर्सलान ने अपना नाम बताया.
“तुमने अभी जॉइन किया है ना. यहाँ के तो नही हो.” मिस्टर शर्मा बड़ी गरम जोशी से बोले.
“जी सिर मैने हाल ही मैं जॉइन किया है.” अर्सलान ने जवाब दिया.
“बहुत अच्छे अर्सलान. इसी तरह ध्यान दो अपनी पढ़ाई पर.” मिस्टर शर्मा ने उसका हौसला बदाया.
“शुक्रिया सिर, मैं पूरी कोशिश करूँगा.” अरसलान ने जवाब दिया.
कुछ देर बाद मिस्टर शर्मा चले गये, और पूरा क्लास बाहर आ गया. सब इधर उधर ग्रूप्स बना कर खड़े हो गये. अर्सलान एक कोने मैं बैठा था. तभी उसके कंधे पर किसी ने हाथ रखा, एक लड़का था जो मुस्कुरा रहा था.
“दोस्त क्या मैं यहाँ बैठ सकता हूँ?” अर्सलान ने कहा “जी ज़रूर.”
वो लड़का उसके पास बैठ गया और बोला “मेरा नाम राज है, तुम नए आए हो यहाँ पर. सोचा थोड़ी जान पहचान कर लेता हूँ.”
अर्सलान बोला “शुक्रिया राज. आप से मिल कर खुशी हुई.”
इस पर राज बोला “खुशी ऐसे नही ज़ाहिर करो, चलो मैं तुम्हे अपने दूसरे दोस्तों से भी मिलता हूँ. और अब यहाँ अपने को अकेला नही समझ ना. तुम भी हुमारे साथ रहा करो.” राज उसको अपने साथ लेकर कॅंटीन मैं चला गया, जहाँ एक टेबल पर कुछ लोग बैठे थे.
राज बोला “दोस्तों हमारी चंडाल चौकड़ी मे इस्तिक़बाल करिए अर्सलान मिया का. जनाब उत्तर प्रदेश से तशरीफ़ लाए हैं. पढ़ने मैं काफ़ी ज़हीन हैं. अब यह अपने साथ रहेंगे. आप सब से गुज़ारिश है की इनको बिल्कुल भी अकेला ना महसूस होने दे।”‘
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे