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तेरी उल्फ़त में

तेरी उल्फत में | वह पहला दिन और ज़िंदगी भर की दोस्ती की शरुवात! | क़िस्त 01 

अर्सलान और कशिश की पहली मुलाकात से शुरू होती एक कहानी, जहाँ घमंड, नफरत, दोस्ती और बदलते रिश्तों के बीच एक अनोखा सफर शुरू होता है।

कॉलेज में पहली बार आमने सामने अर्सलान और कशिश

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

इतने में सना बोली “वैसे एक बात तो है, शायद न्यूटन पढ़ाई के अलावा सिर्फ खाते वक्त ही इतना संजीदा रहता है। रोहित तो खाने के लिए ही इस दुनिया में पैदा हुआ है, और राज का क्या बताया जाए, जब तक ये पकोड़ियां हैं, तब तक इसका लाउडस्पीकर भी बंद है।”

ये सुन कर हिना और रूबी दोनों खूब हसने लगे। तब इस पर राज बोला “मैं कोई भी अच्छा काम करते हुए किसी भी फालतू काम पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देता। वैसे अरसलान पर कोई डायलॉग नहीं मारा आपने।”

“हम जनवरों की तारीफ कर रहे थे, इंसानों की नहीं।” हिना के इस जवाब से सब लोग ज़ोर-ज़ोर से हसने लगे।

रूबी बोली “अरसलान तुम इतना चुप चुप से क्यों हो? सब लोग यहां पर हंसी-मज़ाक कर रहे हैं, तुम भी तो कुछ बोलो।”

अरसलान बोला “कुछ नहीं आपा, बस मैं अपने लिए एक अदद जॉब के लिए सोच रहा हूं।”

“ओह तो तुम परेशान बिल्कुल भी न हो, अगर तुम चाहो तो एक जॉब तो तुम्हें न्यूटन ही दिलवा देगा।” रूबी बोली।

अरसलान ने कहा “न्यूटन, पर कैसे?”

इस पर रूबी बोली “अरे न्यूटन कॉलेज के पास एक कोचिंग सेंटर में पढ़ने जाता है। उसका उसके ऑनर से बहुत अच्छे तालुक हैं। उनसे बात करके एक से दो क्लास तो वह आराम से तुम्हें दिला सकता है। जब तक कोई मुस्तक़िल काम नहीं मिलता, तुम यही काम शुरू कर दो। क्यों न्यूटन, सही कहा न मैंने?”

न्यूटन ने कहा “हां यह तो मैं कर ही सकता हूं। अगर तुम कहो तो मैं कल ही कोचिंग के मालिक से इस बारे में बात कर लूंगा। तुम्हें पढ़ाने से कोई दिक्कत तो नहीं है अरसलान?”

अरसलान बोला “नहीं यार इसमे कौन सी दिक्कत। पढ़ाना तो बहुत ही अच्छा काम है। यह काम तो मैं बहुत ही अच्छे से कर लूंगा। तुम बस करवा दो मेरा यह काम।”

इस पर सना बोली “तो समझो बस हो गया तुम्हारा काम। क्योंकि कोचिंग का ऑनर, न्यूटन की किसी भी बात को नहीं टाल सकता। मेरे कुछ खास करीबियों से मुझे पक्का खबर मिली है कि कोचिंग के ऑनर की एक लौती बेटी है और वह उसे न्यूटन के साथ सेट करने के चक्कर में लगे हुए हैं। अब कोई अपने होने वाले दामाद को कैसे मना कर सकता है। है न न्यूटन।”

इस पर न्यूटन बोला “ये क्या बकवास कर रही हो तुम सना? ऐसा कुछ भी नहीं है।”

तो इतने में रोहित बोला “बेटा ये सना की खबर है। झूठ तो कहीं से हो ही नहीं सकती। वैसे सुना है लड़की काफी अच्छी है उसकी। तो तुम्हें क्या परेशानी है?”

इतना सुनते ही न्यूटन ने रोहित पर छलांग लगा दी और उससे गुत्थम गुत्था हो गया। बाकी सब ज़ोर-ज़ोर से हसने लगे। इस तरह उन सबकी वह शाम भी हंसी-मजाक के साथ बीत गई और अरसलान के लिए एक अच्छी खबर भी ले आई।