तेरी उल्फत में | मेरा नाम कशिश है!..इन्तिक़ाम की एक शाम! | क़िस्त 02
अगला दिन तूफ़ान लाया था। अरसलान, राज, रोहित और न्यूटन प्रिंसिपल ऑफिस में खड़े थे। साथ में थे शमशेर खान, कशिश के वालिद और कॉलेज के ट्रस्टी और सबसे बड़े डोनर। उनका कहा तो प्रिंसिपल भी मानते थे। साथ में कशिश और ज़ैन भी खड़े थे। प्रिंसिपल बोले “शर्म आती है मुझे जो, मेरे यहां […]

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
अगला दिन तूफ़ान लाया था। अरसलान, राज, रोहित और न्यूटन प्रिंसिपल ऑफिस में खड़े थे। साथ में थे शमशेर खान, कशिश के वालिद और कॉलेज के ट्रस्टी और सबसे बड़े डोनर। उनका कहा तो प्रिंसिपल भी मानते थे। साथ में कशिश और ज़ैन भी खड़े थे।
प्रिंसिपल बोले “शर्म आती है मुझे जो, मेरे यहां ऐसे लड़के पढ़ते हैं जो पढ़ाई में कम और लड़ाई में आगे रहते हैं। कल आप लोगों ने गुंडागर्दी की सारी हदें पार कर डाली। अच्छे भले लड़कों को मारा-पीटा और उसके बाद, जाने क्या-क्या।”
अरसलान बोला “पर सर ….” लेकिन उसकी बात बीच में काट दी, शमशेर खान ने “चुप रहिए, सफाई देने की जरूर नहीं है। ज़ैन और कशिश ने सारी बात बता दी है। आप लोगों ने ज़ाती दुश्मनी की वजह से ज़ैन के साथियों की पिटाई की है। और आपने यही ज़ैन को भी कहा है।”
“पर सर यह एकदम गलत है।” सब एक साथ बोले, तो शमशेर खान बोले, ”आप सबको कोई सफाई देने की जरूरत नहीं है, प्रिंसिपल साहब आप इन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दीजिए। ताकि अगली बार ये कोई ऐसी हरकत करने से पहले सोचें।”
इधर ज़ैन और कशिश मुस्का रहे थे। “सजा किसको मिलनी चाहिए और किसको नहीं, यह फैसला अगर थोड़ी देर में हो तो बेहतर होगा। पहले जरा असल बात भी तो पता चले सबको।” यह आवाज़ रूबी की थी। साथ में सना और हिना भी खड़ी थीं।
प्रिंसिपल बोले “मिस रूबी आप कहना क्या चाहती हैं?”
“यही कि यहां जो कुछ भी बता दिया है, एक झूठी कहानी बना कर पेश की गई है। कैंपस आने वाली उस रोड पर रोज़ लड़कियों के साथ बदतमीजी हो रही थी। इसकी खबर जब आपसे की गई तो आपने कहा, कि यह कैंपस के बाहर का मामला है। हम इसमें कुछ नहीं कर सकते। कल वाली बात भी उसी से जुड़ी है, सना और हिना को कुछ लड़कों ने छेड़ा, बाल खींचे। इसपर इनके दोस्तों ने और कुछ दूसरे स्टूडेंट्स ने मिलकर उन लड़कों की पिटाई करी। उस ग्रुप में ज़ैन के दोस्त भी थे।
इसमें गलत क्या हुआ। खैर मुद्दे की बात यह है कि मैंने इसकी रिपोर्ट पुलिस में कर दी थी। जब पुलिस ने उन लड़कों को पकड़ा, तो उनमें से दो लड़के छंटे हुए बदमाश निकले, जिसमें से एक पर तो मर्डर का भी केस चल रहा है। अब ज़रा ज़ैन से यह पूछिए कि ऐसे लोगों से उनका क्या वास्ता है। वह इनके साथ क्या करते हैं?”
प्रिंसिपल बोले “जवाब दो ज़ैन। क्या यह बात सच है?” अब ज़ैन और कशिश को काटो तो खून नहीं। बुरी तरह घबरा गए दोनों।
“ये जवाब नहीं देंगे सर। इनके पास जवाब हैं ही नहीं। इनसे अब जवाब तलब कोई और करेगा।” मिस्टर शर्मा ने अंदर आते हुए कहा। प्रिंसिपल बोले “क्या कह रहे हैं आप मिस्टर शर्मा। खुल कर बताइए।”
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे