तेरी उल्फत में | मेरा नाम कशिश है!..इन्तिक़ाम की एक शाम! | क़िस्त 02
अरसलान को जब होश आया तो उसने अपने आपको हॉस्पिटल में पाया। उसका सर दर्द से फटा जा रहा था, जगह-जगह चोटें लगी थीं, जिसमें दर्द हो रहा था। उसने इधर-उधर देखा तो कोई न था। उसने उठने की कोशिश की तभी दरवाज़े से रूबी अंदर आई। “अरसलान उठना नहीं, डॉक्टर ने तुम्हें उठने से […]

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा
अरसलान को जब होश आया तो उसने अपने आपको हॉस्पिटल में पाया। उसका सर दर्द से फटा जा रहा था, जगह-जगह चोटें लगी थीं, जिसमें दर्द हो रहा था। उसने इधर-उधर देखा तो कोई न था। उसने उठने की कोशिश की तभी दरवाज़े से रूबी अंदर आई।
“अरसलान उठना नहीं, डॉक्टर ने तुम्हें उठने से मना किया है।” रूबी ने उसे लिटाते हुए कहा।
“अल्लाह का शुक्र है कि तुमको होश आया। पूरे दो दिन बाद होश आया है तुमको।” रूबी ने कहा।
अरसलान “रूबी आपा मुझे यहां कौन लेकर आया?”
रूबी ने जवाब दिया “न्यूटन को तुम मिले थे। वही तुमको यहां लाया था। बाकी भी साथ ही हैं। मैं उन सबको बुलाती हूं। जब से तुम यहां आए हो, सब यहीं हैं। कोई भी घर नहीं गया।”
कुछ देर में राज, रोहित, न्यूटन, हिना और सना उसको घेरे बैठे थे।
राज बोला “यार क्या हुआ था, तेरी इतनी बुरी हालत कैसे हुई?”
“पता नहीं यार अंधेरा था, अचानक गाड़ी ने टक्कर मारी। फिर मैं रोड किनारे गिरा, एक कांच का टुकड़ा सर से टकरा गया।” अरसलान साफ झूठ बोल गया।
“कार किसकी थी, कोई नंबर वगैरह देखा?” रोहित ने पूछा।
“नहीं यार” अरसलान ने फिर झूठ बोला।
इसपर हिना बोली “अरे तुम लोग क्या सवाल-जवाब करने लगे। अरसलान को होश आ गया है, लेकिन अभी वह कमजोर है, अल्लाह का शुक्र अदा करो।”
“और नहीं तो क्या सब जेम्स बॉन्ड बनने लगे।” सना बोली।
तभी रूबी बोली “अच्छा अब तुम लोग घर जाओ, दो दिनों से यहीं हो। अब तो अरसलान को होश आ गया है। घर जाकर थोड़ा फ्रेश हो लो। कुछ खा के आ जाओ। तब तक मैं यहां हूं। और हां अब कोई एक या दो लोग ही यहां रुकेंगे। कौन यह तुम लोग तय कर लो।”
“ओके अरसलान हम लोग थोड़ी देर में आते हैं, तुझे कुछ खाने-पीने का दिल हो तो बता दे। लेता आऊंगा।” रोहित बोला।
अरसलान बोला “नहीं यार कुछ दिल नहीं कर रहा, तुम लोग जाओ, काफ़ी थके हुए हो मेरी वजह से।”
“यार तुम इतना तकल्लुफ न किया करो।” हिना ने बोला, तो सब हंसते हुए बाहर चले गए।
तभी डॉक्टर ने आकर अरसलान को कुछ इंजेक्शन दिए और बताया कि इससे उसका दर्द कफी कम हो जाएगा।
डॉक्टर के जाने के बाद अरसलान बोला “आपा आप भी जाइए, आप भी काफी थक गई हैं। इंजेक्शन से मुझे काफी आराम है।”
“इनमें से किसी को वापस आने दो।” रूबी ने कहा।
“आपा मैं ठीक हूं। कोई बात होगी तो नर्स को बुला लूंगा। आप परेशान न होइए।”
अभी अरसलान कह ही रहा था कि मिस्टर शर्मा और शमशेर खान अंदर दाखिल हुए।
“कैसे हो अरसलान?” शमशेर खान ने पूछा।
अरसलान ने कहा “ठीक हूं सर।”
मिस्टर शर्मा बोले “भगवान का धन्यवाद है जो तुम सही हो। हम सब तो घबरा ही गए जब तुम्हारे बारे में सुना। शाम को जैसे ही मैं घर पहुंचा, वैसे ही यहां आ गया। अब राहत मिली कि तुम ठीक हो।”
“हां, जैसे ही मिस्टर शर्मा से पता चला हम भी आ गए। अब कैसा लग रहा है।” शमशेर खान बोले।
कहानी जारी है, अगले सफ़े पे