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तेरी उल्फ़त में

तेरी उल्फत में | मेरा नाम कशिश है!..इन्तिक़ाम की एक शाम! | क़िस्त 02

अरसलान बोला “देखो कशिश न तो मैंने तुम्हारा रास्ता काटा है और न ही ज़ैन का, लेकिन जो हरकत तुमने की उसका जवाब देना जरूरी था। बाकी मैंने नहीं कहा था कि आप अपने फॉदर को इन सब चीज़ों में इंवॉल्व करिये। ये आपने खुद किया था, और उसके बाद हालात ने सच का साथ […]

तेरी उल्फत में क़िस्त 02 में कशिश और अरसलान का कॉलेज में तनावपूर्ण आमना-सामना

कहानी गहरी है, हर सफ़ा आपके दिल में उतर जायेगा

अरसलान बोला “देखो कशिश न तो मैंने तुम्हारा रास्ता काटा है और न ही ज़ैन का, लेकिन जो हरकत तुमने की उसका जवाब देना जरूरी था। बाकी मैंने नहीं कहा था कि आप अपने फॉदर को इन सब चीज़ों में इंवॉल्व करिये। ये आपने खुद किया था, और उसके बाद हालात ने सच का साथ दिया। आपके दोस्तों ने जो किया वो बिल्कुल गलत था। अगर कोई किसी लड़की के साथ बदसलूकी करेगा, तो सजा तो उसे मिलेगी ही। और फिर सना और हिना तो मेरी दोस्त हैं। अगर कोई आपके साथ भी ऐसा करेगा, तो उसके साथ भी यही करुंगा मैं। बात को समझा करो। सही और गलत का फैसला करना सीखो।”

कशिश बोली “हमको न बताओ कि क्या सही है और क्या गलत है। तुम बस हिसाब देने के लिए तैयार रहना।” ये कह कर कशिश वहां से चली गई।

अरसलान सोचने लगा – अजीब पागल लड़की है। हमेशा गुस्से में ही रहती है। फिर वह भी वहां से लाइब्रेरी चला गया, और कुछ देर के बाद वह अपने कोचिंग सेंटर चला गया।

कोचिंग में उसने अपने क्लासेज पूरे किए तो कोचिंग के मालिक की रिक्वेस्ट पर उसने न्यूटन के कुछ स्टूडेंट्स के भी कुछ डाउट्स क्लियर करे। इस तरह कोचिंग से आते आते आज अरसलान को काफी देर हो गई थी। वह कैंपस की तरफ चला आ रहा था। कोई नहीं था उस सुनसान रोड पर।

तभी अचानक एकदम से एक कार की तेज हेडलाइट्स ने उसकी आंखे चुंधिया दी। और फिर उसे कार से एक ठोकर भी लगी। वह उछल कर दूर जाकर गिरा। अरसलान रोड की साइड में गिर पड़ा था। उसको काफ़ी चोटें भी आई थीं। उस कार से कशिश निकली और अरसलान के पास जा पहुंची।

कशिश बोली, “हमसे टकराने का अंजाम देख लो अरसलान। हम चाहते तो गाड़ी तुम पर भी चढ़ा सकते थे। लेकिन हमनें ऐसा नहीं किया। तुम्हारे लिए इतना ही काफ़ी है। लेकिन जाते जाते तुमको एक और चोट देंगे। तुमने भी हमें कई सारी चोटें जो दी हैं।” इतना कह कर कशिश कार के अंदर से एक बीयर की बॉटल निकाल कर ले आयी और फिर उसे अरसलान को दिखाते हुए बोली “इस बॉटल से हम तुम्हारे दिमाग को दुरुस्त करेंगे।”

अरसलान बोला “तुम पागल हो कशिश।”

कशिश ने बीयर की बॉटल खोलकर पीना शुरू कर दिया और फिर बोली हां हम पागल हैं, हम घमंडी हैं, क्योंकि हम कशिश हैं। कशिश शमशेर खान, जिसका रास्ता काटा है तुमने। हम अपने रास्ते को काटने वाले के साथ बहुत बुरी तरह पेश आते हैं। हमको याद रखना अरसलान, हम कशिश हैं।”

यह कहकर उसने वह बीयर की बॉटल अरसालान के सर पर मार कर तोड़ डाली। अरसलान दर्द से चीख पड़ा। कशिश हंसते हुए बोली “याद रखना अरसलान, हम कशिश हैं।” यह कह कर वह हंसते हुए अपनी कार की तरफ चली गई। फिर वह कार वहां से धूल उड़ाते हुए निकल गई। अरसलान उसे जाते हुए देखता रहा और दर्द की शिद्दत से बेहोश हो गया।

अरे ज़ालिम, लौट के आना ज़रूर!

कहानी जारी है, अगले सफ़े पे